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बोकारो: जर्जर छज्जा गिरने से कमरा क्षतिग्रस्त, बाल-बाल बचे परिजन, DVC सिविल विभाग की लापरवाही उजागर

Bermo: बेरमो अनुमंडल के बोकारो थर्मल स्थित DVC की आवासीय कॉलोनी के रखरखाव में सिविल विभाग की घोर लापरवाही सामने आई है....

Bermo DVC
क्षतिग्रस्त कमरा

Bermo: बेरमो अनुमंडल के बोकारो थर्मल स्थित DVC की आवासीय कॉलोनी के रखरखाव में सिविल विभाग की घोर लापरवाही सामने आई है. मरम्मत के अभाव में जर्जर हो चुके इन आवासों के कारण बुधवार की शाम एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया. निशन हाट कॉलोनी के आवास संख्या एचएमडी-25 डी में रहने वाले जेठू महतो की खिड़की के ऊपर का कंक्रीट का छज्जा अचानक पूरी तरह टूटकर नीचे गिर गया. यह भारी-भरकम छज्जा सीधे नीचे के कमरा संख्या एचएमडी-25 डी में रहने वाले सप्लाई मजदूर ज्ञानचंद महतो के घर के एस्बेस्टस पर जा गिरा.

छह एस्बेस्टस पूरी तरह चकनाचूर

छज्जा गिरने की धमक इतनी तेज थी कि ज्ञानचंद महतो के कमरे के छह एस्बेस्टस पूरी तरह चकनाचूर हो गए और मलबे की चपेट में आने से घर के अंदर रखी कुर्सियां, पंखा सहित अन्य कई कीमती सामान क्षतिग्रस्त हो गए. राहत की बात यह रही कि जिस स्थान पर एस्बेस्टस टूटकर छज्जा गिरा, ठीक उसी के बगल में घर की महिलाएं और बच्चे बैठे थे. खतरे को भांपते हुए उन्होंने तुरंत वहां से भागकर अपनी जान बचाई. पीड़ित ज्ञानचंद महतो के घर में इन दिनों बेटी की शादी की तैयारियां चल रही हैं, ऐसे में एक बड़ी अनहोनी टलने से पूरे परिवार ने राहत की सांस ली है, हालांकि वे सभी इस हादसे से गहरे सदमे में हैं.

यूनियन संगठनों के प्रतिनिधि पहुंचे पीड़ित के घर

घटना की जानकारी मिलते ही सप्लाई मजदूरों के यूनियन संगठनों के प्रतिनिधि गणेश राम, रज्जाक अंसारी और नागेश्वर महतो तुरंत पीड़ित के घर पहुंचे और घटनास्थल का मुआयना किया. श्रमिक नेता नागेश्वर महतो ने तत्काल डीवीसी के सिविल मैनेजर राहुल उरांव को फोन पर इस गंभीर हादसे की जानकारी दी. इस पर सिविल मैनेजर ने आश्वासन दिया कि गुरुवार को ही क्षतिग्रस्त एस्बेस्टस को बदलवा दिया जाएगा. इधर, तीनों यूनियन नेताओं ने डीवीसी प्रबंधन के खिलाफ तीखा आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा, कि आवासीय कॉलोनियों, विशेषकर सप्लाई मजदूरों और कामगारों के क्वार्टर की स्थिति रखरखाव के अभाव में बेहद बदहाल और खतरनाक हो चुकी है. सिविल विभाग सब कुछ जानकर भी आंखें मूंदे बैठा है. श्रमिक नेताओं ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, कि प्रबंधन शायद किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है और यदि जल्द ही इन जर्जर आवासों की मरम्मत नहीं की गई, तो किसी दिन जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता है जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी.

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