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रांची: झारखंड को रेल मंत्रालय की बड़ी सौगात, चांडिल-मुरी दोहरीकरण और चांडिल-अनारा-बर्नपुर चौथी लाइन को मिला ‘विशेष रेल परियोजना’ का दर्जा

174.85 किमी रेल नेटवर्क से बढ़ेगी क्षमता, ट्रेनों की रफ्तार और समयबद्धता में होगा सुधार Ranchi: भारत सरकार ने झारखंड के रेल...

Ranchi: Jharkhand gets a major gift from the Railway Ministry; Chandil-Muri doubling and Chandil-Anara-Burnpur fourth line get 'Special Rail Project' status.
  • 174.85 किमी रेल नेटवर्क से बढ़ेगी क्षमता, ट्रेनों की रफ्तार और समयबद्धता में होगा सुधार

Ranchi: भारत सरकार ने झारखंड के रेल बुनियादी ढांचे को मजबूती देने के लिए बड़ा कदम उठाया है. रेल मंत्रालय ने चांडिल-मुरी दोहरीकरणऔर चांडिल-अनारा-बर्नपुर चौथी रेल लाइन परियोजना को विशेष रेलवे परियोजना’का दर्जा दे दिया है.

इस फैसले के तहत दो अहम परियोजनाओं को मंजूरी मिली

1. चांडिल (गुंडाबिहार)-मुरी दोहरीकरण: 59.49 किलोमीटर
2. चांडिल-अनारा-बर्नपुर (दामोदर तक) चौथी रेल लाइन: 115.36 किलोमीटर

कुल 174.85 किलोमीटर के इस रेल नेटवर्क के अपग्रेड होने से दक्षिण-पूर्व रेलवे के व्यस्ततम मार्गों की लाइन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी.

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लाभ क्या होंगे?

– ट्रेनों की गति और समयबद्धता में सुधार
– यात्री एवं मालगाड़ियों का परिचालन अधिक सुरक्षित, तेज और सुचारु
– औद्योगिक विकास को बढ़ावा
– क्षेत्रीय आर्थिक प्रगति को नई गति

इस संबंध में भाजपा नेता सह सदस्य मंडल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति, रेलवे, ने कहा- “यह परियोजना रांची लोकसभा और ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होगी. इससे चांडिल, मुरी, अनारा, बर्नपुर सेक्शन पर ट्रेनों का दबाव कम होगा. बेहतर रेल कनेक्टिविटी से उद्योग-व्यापार को फायदा मिलेगा. इसके लिए मैं रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव जी एवं रांची सांसद सह रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ जी का आभार प्रकट करता हूं.”

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माल ढुलाई के लिए ये रेल रूट महत्वपूर्ण

चांडिल-मुरी और चांडिल-अनारा-बर्नपुर रूट कोयला, स्टील और अन्य माल ढुलाई के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है. सिंगल लाइन और ट्रैफिक लोड ज्यादा होने से ट्रेनों को अक्सर आउटर पर रोकना पड़ता था. दोहरीकरण और चौथी लाइन बनने से क्रॉसिंग का समय बचेगा और मालगाड़ियों की औसत गति बढ़ेगी. इससे आदित्यपुर, गम्हरिया, कांड्रा, चांडिल औद्योगिक क्षेत्र को सीधा लाभ मिलेगा. यात्री ट्रेनों की लेटलतीफी की समस्या भी कम होगी. विशेष रेलवे परियोजना’ का दर्जा मिलने से अब इन प्रोजेक्ट्स के लिए फंड की कमी नहीं होगी और काम में तेजी आएगी. यह कदम झारखंड में लॉजिस्टिक्स कॉस्ट कम कर निवेश का माहौल बनाने में अहम भूमिका निभाएगा.

परियोजना एक नजर में

परियोजना                                      लंबाई                              दर्जा
चांडिल (गुंडाबिहार)-मुरी दोहरीकरण     59.49 किमी         विशेष रेल परियोजना
चांडिल-अनारा-बर्नपुर चौथी लाइन        115.36 किमी       विशेष रेल परियोजना

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