Bokaro: उपायुक्त ने केंदुआडीह गांव के आदिवासी टोला पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं. इस दौरान ग्रामीणों ने श्मशान स्थल की आवश्यकता और लगातार गिरते भू-जल स्तर के कारण उत्पन्न पेयजल संकट की समस्या उनके समक्ष रखी. ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उपायुक्त ने BDO, CO एवं BWO जरीडीह को मसना निर्माण का प्रस्ताव तत्काल तैयार कर जिला कार्यालय भेजने का निर्देश दिया. वहीं, पेयजल संकट के स्थायी समाधान के लिए टोला में डीप बोरिंग की संभावनाओं का आकलन करने तथा निकटवर्ती नदी पर चेक डैम निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा.
जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की अपील
ग्रामीणों से संवाद के दौरान उपायुक्त ने जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि बारिश के पानी को मेड़ बनाकर सुरक्षित करें और गांव का पानी गांव में ही बचाएं. जब वर्षा का पानी गांव में ही रुकेगा, तभी भू-जल स्तर बढ़ेगा और पानी सुरक्षित रहेगा. प्रकृति का यह अमूल्य उपहार हम सबकी साझी जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि प्रशासन केवल योजनाएं लागू करने तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव-गांव पहुंचकर लोगों की वास्तविक जरूरतों को समझते हुए उनका समाधान सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है. दूरस्थ गांवों के अंतिम व्यक्ति तक विकास की किरण पहुंचे, यही जिला प्रशासन का उद्देश्य है.

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