Click Here
Click Here
Click Here

गढ़वा DC को HC का आदेश, बंधुआ मजदूरी से मुक्त कराए गए 300 मजदूरों को राहत प्रदान करें

Ranchi: वर्ष 1992 में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से मुक्त कराए गए लगभग 300 बंधुआ मजदूरों को बंधुआ मजदूर अधिनियम (Bonded...

Ranchi: वर्ष 1992 में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से मुक्त कराए गए लगभग 300 बंधुआ मजदूरों को बंधुआ मजदूर अधिनियम (Bonded Labour Act) 1976 के तहत विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से राहत प्रदान करने का आदेश झारखंड हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एस एम सोनक एवं न्यायाधीश राजेश शंकर की खंडपीठ में गढ़वा के उपायुक्त को दिया है. 

2023 में दाखिल हुई थी जनहित याचिका 

दरअसल जनहित सेवा प्रतिष्ठान से घनश्याम पाठक ने झारखंड हाई कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर लगभग 34 वर्ष पूर्व उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से मुक्त कराए गए लगभग 300 मजदूरों को आवास, स्वास्थ्य, रोजगार, पेंशन समेत अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का आग्रह किया गया है. 

ALSO READ : झारखंड पुलिस मेंस एसोसिएशन ने DGP को लिखा पत्र- आरक्षियों की वरीयता सूची जारी करने का किया अनुरोध

तीन वर्षों तक सिर्फ पत्राचार, राहत नहीं 

मामले में बंधुआ मजदूर अधिनियम 1976 का हवाला देते हुए याचिका दाखिल हुई है, दरअसल यह याचिका साल 2023 में दाखिल हुई थी, मामले में अदालत ने संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा था हालांकि लगातार चल रहे 3 वर्षों की सुनवाई के दौरान अधिकारियों ने सिर्फ और सिर्फ पत्राचार किया, ऐसे में अदालत के समक्ष प्राथी के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि राहत प्रदान करने के बजाय अधिकारी पटाक्षेप कर रहे है, ऐसे में एक लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने आज सख्त लहजे में गढ़वा डीसी को यह कहा है कि मजदूरों को उनका हक मिलना चाहिए.

add1
सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *