Ranchi: राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने शनिवार को महात्मा गांधी मार्ग (मेन रोड), रांची स्थित प्रसिद्ध श्री हनुमान मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और बजरंगबली का आशीर्वाद लेकर राज्यवासियों के सुख, समृद्धि व कल्याण की कामना की. इस अवसर पर उन्होंने मंदिर परिसर में नवनिर्मित वातानुकूलित सामुदायिक हॉल श्री राम वाटिका का उद्घाटन किया. समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि मंदिर केवल पूजा-अर्चना के स्थल नहीं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना, सेवा-भाव, सामाजिक समरसता और संस्कारों के संवर्धन के महत्वपूर्ण केंद्र होते हैं.
यह भी पढ़ें: दो करोड़ से ज्यादा के अलकतरा घोटाले में CBI कोर्ट ने सुनाया फैसला

परोपकार और सेवा ही सर्वोच्च धर्म
राज्यपाल महोदय ने भगवान श्रीराम और प्रभु हनुमान के आदर्शों का उल्लेख करते हुए कहा कि शक्ति तभी सार्थक है, जब उसमें विनम्रता हो. ज्ञान तभी श्रेष्ठ है, जब उसमें सेवा का भाव हो और जीवन तभी सफल है, जब वह लोकमंगल के लिए समर्पित हो. उन्होंने गोस्वामी तुलसीदास जी की प्रसिद्ध चौपाई “परहित सरिस धरम नहि भाई, पर पीड़ा सम नहि अधमाई” का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में परोपकार और लोक-कल्याण को ही सर्वोच्च धर्म माना गया है. उन्होंने विश्वास जताया कि ‘श्री राम वाटिका’ धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों के साथ-साथ जनसेवा का एक बड़ा केंद्र बनेगी.
सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण और युवाओं को संदेश
अपने संबोधन में राज्यपाल ने केंद्र सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आज देश अपनी सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक मूल्यों के संरक्षण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. ऐसे समय में युवाओं की भूमिका सबसे अहम हो जाती है. उन्होंने युवाओं से विशेष आह्वान किया कि वे अपने जीवन में सेवा, अनुशासन और संस्कार को अपनाएं.समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करें. यदि युवा पीढ़ी अपनी जड़ों और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ी रहेगी, तो राष्ट्र अधिक सशक्त बनेगा.
यह भी पढ़ें: युवक मौत मामला : राज हॉस्पिटल ने परिजनों के सभी आरोपों को बताया बेबुनियाद
मंदिर समिति और श्रद्धालुओं को दी बधाई
राज्यपाल ने कहा कि महात्मा गांधी मार्ग का यह हनुमान मंदिर वर्षों से जन-आस्था और सामाजिक समरसता का बड़ा केंद्र रहा है. उन्होंने इस जनोपयोगी सामुदायिक हॉल के निर्माण के लिए श्री हनुमान मंदिर समिति, पंजाबी हिंदू बिरादरी और सहयोग करने वाले सभी श्रद्धालुओं को बधाई दी. अंत में, उन्होंने सभी से जीवन में प्रेम, सद्भाव और सेवा की भावना अपनाने की अपील की, जो प्रभु श्रीराम और हनुमान जी के जीवन का वास्तविक संदेश है.


