Ranchi: राजधानी रांची के मेन रोड स्थित राज हॉस्पिटल में इलाज के दौरान 19 वर्षीय युवक की मौत का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची डीसी मंजूनाथ भजंत्री को पूरे मामले की तत्काल जांच कराने का निर्देश दिया. मुख्यमंत्री के आदेश के बाद जिला प्रशासन की ओर से जांच टीम का गठन किया गया. शनिवार को टीम अस्पताल पहुंची और इलाज से जुड़े सभी दस्तावेजों की जांच कर आवश्यक रिकॉर्ड अपने साथ ले गई. अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले पर स्पष्ट रूप से कुछ कहा जा सकेगा.

क्या है पूरा मामला?
लातेहार जिले के बिशुनपुर निवासी 19 वर्षीय राजू कुमार रंजन (पिता- राजेश कुमार पांडेय) को इलाज के लिए राज हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था. इलाज के दौरान 2 जुलाई को उसकी मौत हो गई. इसके बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया.
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
मृतक के परिजनों का आरोप है कि इलाज में लापरवाही बरती गई. समय पर उचित उपचार नहीं किया गया और इसी वजह से युवक की जान चली गई. उनका कहना है कि यदि सही समय पर सही इलाज मिलता, तो उसकी जान बचाई जा सकती थी.
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अस्पताल प्रबंधन ने सभी आरोपों को बताया बेबुनियाद
राज हॉस्पिटल प्रबंधन ने परिजनों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. अस्पताल का कहना है कि मरीज के परिजनों ने 22 लाख रुपये का बिल नहीं दिया है. साथ ही यह भी दावा किया गया कि मरीज की ड्रेसिंग नियमित और सही तरीके से की जा रही थी. अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, युवक की मौत संक्रमण (इन्फेक्शन) के कारण हुई. उनका कहना है कि मरीज की शारीरिक प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) और शरीर की सहनशक्ति काफी कमजोर थी, जिसके चलते उसकी हालत लगातार बिगड़ती गई. अस्पताल ने पैर काटने और ड्रेसिंग में लापरवाही के आरोपों को भी पूरी तरह निराधार बताया है. प्रबंधन का यह भी कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा. फिलहाल पूरे मामले की जांच जिला प्रशासन की टीम कर रही है और रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी.


