Ranchi: झारखंड के मत्स्य पालन क्षेत्र में कार्यरत सक्रिय मछुआरों के लिए राहत भरी खबर है. राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत सामूहिक दुर्घटना बीमा योजना को मंजूरी दे दी है. इस योजना के तहत राज्य के 1,74,605 सक्रिय मछुआरों को बीमा कवरेज प्रदान किया जाएगा, जिसके लिए सरकार ने 55,84,567 रुपये की राशि स्वीकृत की है. यह योजना 31 मई 2027 तक प्रभावी रहेगी.
बीमा योजना का मुख्य उद्देश्य और स्वरूप
राष्ट्रीय मात्स्यिकी विकास बोर्ड, हैदराबाद के निर्देशों के आलोक में, यह बीमा ‘प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के साथ एकीकृत होकर काम करेगी. इसका उद्देश्य आकस्मिक मृत्यु, स्थायी विकलांगता और अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में मछुआरों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है.

- बीमा का दायरा: इसमें 18 से 70 वर्ष की आयु के सक्रिय मछुआरे शामिल होंगे
- पात्रता: निबंधित मत्स्यजीवी सहयोग समिति के सदस्य, मत्स्य कृषक, मत्स्य विक्रेता, बीज उत्पादक, मत्स्य श्रमिक और केज मत्स्य पालन से जुड़े लोग इस योजना का लाभ ले सकेंगे.
- प्रभावी अवधि: छठे वर्ष की यह बीमा अवधि 1 जून 2026 से शुरू होकर 31 मई 2027 तक जारी रहेगी.
- व्यय भार अनुपात: केंद्र और राज्य सरकार के बीच 60:40 का अनुपात निर्धारित है.
- कुल अनुमानित व्यय: राज्य सरकार द्वारा अपने हिस्से के रूप में 55,84,567 रुपये की स्वीकृति दी गई है.
- भुगतान प्रक्रिया: केंद्र सरकार अपना 60 प्रतिशत अंशदान सीधे नोडल एजेंसी (एनएफडीबी, हैदराबाद) को भेजेगी.
दावा प्रस्तुतिकरण और प्रक्रिया
- नोडल पदाधिकारी: संबंधित जिले के जिला मत्स्य पदाधिकारी-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी दावा प्रस्तुतिकरण के लिए अधिकृत होंगे.
- दस्तावेजीकरण: मछुआरों को विहित प्रपत्र में वांछित दस्तावेजों के साथ दावा पेश करना होगा.
- दोहराव से बचाव: विभाग ने स्पष्ट किया है कि बैंक और बीमा एजेंसी के माध्यम से केवल एक ही दावे का भुगतान संभव होगा. इसके लिए संबंधित बैंक शाखा प्रबंधक को दुर्घटना की सूचना समय पर देना अनिवार्य है.
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