Hazaribagh: डीवीसी सर्विस यूनियन कार्यालय में आयोजित वार्षिक आम बैठक में विभिन्न श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने दामोदर घाटी निगम (डीवीसी) के भविष्य, श्रम नीतियों और सार्वजनिक उपक्रमों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की. बैठक की अध्यक्षता यूनियन अध्यक्ष हरेन सरकार ने की, जबकि कार्यक्रम की शुरुआत पूर्व नेत्री कविता सरकार द्वारा ध्वजारोहण एवं शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई.
डीवीसी के पुनर्गठन को लेकर जताई आशंका
बैठक को संबोधित करते हुए यूनियन के अखिल भारतीय महासचिव अभिजीत राय ने आरोप लगाया कि डीवीसी के ट्रांसमिशन, डिस्ट्रीब्यूशन और जनरेशन इकाइयों को अलग करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं. उनका कहना था कि यदि ऐसा हुआ तो संस्था की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है और सार्वजनिक क्षेत्र के इस उपक्रम पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है. उन्होंने बिजली क्षेत्र से जुड़े नए प्रावधानों पर भी आपत्ति जताई.

सिंचाई और ग्रामीण विकास पर भी उठे सवाल
वक्ताओं ने कहा कि डीवीसी की स्थापना केवल बिजली उत्पादन के लिए नहीं, बल्कि बाढ़ नियंत्रण, सिंचाई और क्षेत्रीय विकास जैसे उद्देश्यों को ध्यान में रखकर की गई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि बीते वर्षों में सिंचाई परियोजनाओं और नहरों के रखरखाव पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया, जिससे किसानों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.
रोजगार और श्रम कानूनों पर चिंता व्यक्त
बैठक में श्रमिक नेताओं ने कहा कि बिजली उत्पादन बढ़ने के बावजूद स्थायी नियुक्तियों में कमी आई है. उन्होंने संविदा नियुक्तियों और नए श्रम कानूनों को लेकर भी चिंता व्यक्त की. वक्ताओं का कहना था कि कर्मचारियों के हितों और सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए.
आंदोलन की चेतावनी
बैठक में उपस्थित प्रतिनिधियों ने डीवीसी को मजबूत बनाए रखने, सिंचाई व्यवस्था में सुधार, पुरानी पेंशन योजना की बहाली तथा श्रमिक हितों से जुड़े मुद्दों पर आंदोलन जारी रखने की बात कही. बैठक में हजारीबाग, रामगढ़ और कोडरमा के विभिन्न श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे.
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