Click Here
Click Here
Click Here

गिरिडीह: विवादित जमीन को लेकर दो पक्ष आमने-सामने, पुलिस की तत्परता से टला बड़ा विवाद

Giridih: तिसरी थाना क्षेत्र के भुराई गांव में रविवार को विवादित भूमि को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए, जिससे कुछ देर...

Giridih: Two parties face off over disputed land, police action averts major dispute

Giridih: तिसरी थाना क्षेत्र के भुराई गांव में रविवार को विवादित भूमि को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए, जिससे कुछ देर के लिए इलाके में तनावपूर्ण माहौल बन गया. सूचना मिलते ही तिसरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को समझाकर स्थिति को नियंत्रण में किया. पुलिस की त्वरित कार्रवाई के कारण कोई बड़ी अप्रिय घटना नहीं हुई. जानकारी के अनुसार, भुराई गांव की लगभग 2 एकड़ 24 डिसमिल भूमि को लेकर मंझलू मांझी के वंशजों तथा इनुस मियां एवं अन्य के बीच पिछले करीब तीन वर्षों से विवाद चला आ रहा है. यह मामला वर्तमान में अनुमंडल न्यायालय में विचाराधीन है. स्थानीय लोगों के अनुसार, रविवार को विवादित भूमि पर एक पक्ष की ओर से कुछ कार्य किए जाने की सूचना मिलने पर दूसरे पक्ष के लोग भी मौके पर पहुंच गए. इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तीखी कहासुनी हुई और धक्का-मुक्की जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई.

यह भी पढ़ें: गुमला: दो बच्चों की मां प्रेमी संग हुई फरार, डिप्रेशन में पति ने लगाई फांसी

कोर्ट के निर्णय आने तक यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश

माहौल बिगड़ने की आशंका के बीच ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी. सूचना मिलते ही तिसरी थाना की पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत कराया. पुलिस ने सभी लोगों को न्यायालय के निर्णय आने तक किसी भी प्रकार की गतिविधि से बचने और कानून का पालन करने की हिदायत दी. इसके बाद स्थिति सामान्य हो गई. इनुस मियां के पक्ष का कहना है कि संबंधित भूमि उनके स्वामित्व की है और इसका मामला न्यायालय में लंबित है. उनका दावा है कि भूमि पर पूर्व में कुछ कार्य शुरू किया गया था, जिसे प्रशासनिक निर्देश के बाद रोक दिया गया था. उनका कहना है कि न्यायालय के अंतिम निर्णय के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी.

दोनों पक्षों का अपना-अपना दावा

वहीं मंझलू मांझी पक्ष का आरोप है कि उक्त भूमि उनके पूर्वजों की है. उनका कहना है कि जब न्यायालय में मामला लंबित है, तब विवादित भूमि पर किसी भी प्रकार की गतिविधि नहीं होनी चाहिए. इसी सूचना पर वे लोग मौके पर पहुंचे थे. प्रशासन का कहना है कि चूंकि मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए किसी भी पक्ष को कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी. सभी संबंधित पक्षों को न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करते हुए अदालत के फैसले का इंतजार करना चाहिए. फिलहाल गांव में स्थिति पूरी तरह सामान्य बताई जा रही है. किसी भी संभावित विवाद को देखते हुए पुलिस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है तथा आवश्यकता पड़ने पर आगे भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

यह भी पढ़ें: चाईबासा: “संघर्ष से समृद्धि तक, ‘दूध की धार’ ने बदली सुषमा देवी की तकदीर

add1
सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *