Ranchi: आजसू पार्टी के केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रवीण प्रभाकर ने झारखंड की सत्ताधारी कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया, कि गठबंधन सरकार में लगातार हो रही उपेक्षा और अपमान के बावजूद कांग्रेस सिर्फ सत्ता में बने रहने के लिए चुप्पी साधे हुए है. उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव में हार और वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर के साथ हो रहे घटनाक्रम ने कांग्रेस की बेबसी को उजागर कर दिया है. प्रवीण प्रभाकर ने कहा, कि राज्य सरकार में कैबिनेट में दूसरे नंबर के मंत्री होने के बावजूद वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर को अपनी सुरक्षा वापस करने जैसा कदम उठाना पड़ा. उन्होंने आरोप लगाया कि अन्य मंत्रियों ने वित्त मंत्री को निशाना बनाया, जबकि उनके पत्र पर DGP की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया. इसके विपरीत, उनके सुरक्षा वाहन को वापस लेने के लिए उनके ही विभाग के संयुक्त सचिव ने पत्र जारी कर दिया.
झारखंड में सरकार के भीतर समन्वय और अनुशासन पूरी तरह खत्म
प्रवीण प्रभाकर ने कहा कि इन घटनाओं से स्पष्ट है, कि झारखंड में सरकार के भीतर समन्वय और अनुशासन पूरी तरह खत्म हो चुका है. राज्यसभा चुनाव के नतीजों ने भी यह साबित कर दिया, कि सत्ताधारी गठबंधन के अंदर सब कुछ ठीक नहीं है और सहयोगी दलों व विधायकों के बीच अविश्वास का माहौल बना हुआ है. इसके बावजूद कांग्रेस सत्ता के मोह में सभी अपमान सहने को मजबूर है. आजसू नेता ने आरोप लगाया, कि सरकार जनहित के मुद्दों पर पूरी तरह विफल रही है और जनता से जुड़े अहम विषयों को नजरअंदाज किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व में इतनी नैतिकता भी नहीं बची, कि वह इस जनविरोधी और दिशाहीन गठबंधन से अलग होने का फैसला कर सके.

प्रवीण प्रभाकर ने कहा कि झारखंड की सवा तीन करोड़ जनता सरकार के भीतर चल रहे घटनाक्रम पर नजर रखे हुए है. उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस का इतिहास सत्ता के लिए समझौते करने का रहा है और झारखंड में भी वही तस्वीर दिखाई दे रही है. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में राज्य की जनता इस गठबंधन को लोकतांत्रिक तरीके से करारा जवाब देगी.
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