NewsWave Desk : ऑर्गेनाइजेशन ऑफ द पेट्रोलियम एक्सपोर्ट कंट्रीज OPEC देशों ने एक बार फिर से कच्चा तेल उत्पादन में वृद्धि करने का निर्णय लिया है. इन देशों ने तय किया है कि अगस्त 2026 से हर दिन 1.88 लाख बैरल अतिरिक्त कच्चा तेल बाजार में उपलब्ध कराया जाएगा. इस फैसले से विश्व में कच्चे तेल की सप्लाई बढ़ने की संभावना है. इसका असर इंटरनेशनल मार्केट में तेल की कीमतों पर भी देखने को मिलेगा. इन देशों की हुई बैठक में इस पर निर्णय लिया गया. इससे पहले जून और जुलाई 2026 में भी समूह ने हर दिन 1.88 लाख बैरल अतिरिक्त उत्पादन बढ़ाया था. जानकारी हो कि OPEC देशों में ईरान, ईराक, सऊदी अरब और वेनेजुएला शामिल है. उत्पादन बढ़ाने से तेल की कीमतों में गिरावट होने की संभावना है.
देश के पेट्रोल और डीजल के दामों में पड़ेगा असर
भारत में इस्तेमाल होने वाला कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा विदेशों से इंपोर्ट किया जाता है. ऐसे में अगर अंर्तराष्ट्रीय बाजाार में कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक कम रहती हैं तो इसका फायदा भारत को भी मिल सकता है. इससे पेट्रोल और डीजल की लागत पर असर पड़ेगा और महंगाई को कंट्रोल करने में मदद मिलेगी. पेट्रोल और डीजल की कीमतें सिर्फ कच्चे तेल के दाम पर निर्भर नहीं करते. इनकी कीमत तय करने में केंद्र और राज्य सरकारों के टैक्स, रुपये और डॉलर की विनिमय दर, इंपोर्ट ड्यूटी और गर्वमेंट पॉलिसी की भी अहम भूमिका होती है.

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