Palamu : कचहरी परिसर में विकासशील इंसान पार्टी ने रामपुर निवासी स्वर्गीय सिकंदर चौधरी की माई महीने मे हुई निर्मम हत्या के विरोध में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया. इस दौरान पार्टी के नेताओं ने जिला प्रशासन और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए. नेताओं का कहना है कि 23 मई 2026 को रामपुर में हुई यह घटना महज एक हत्या नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समुदाय को डराने के उद्देश्य से किया गया एक सुनियोजित और व्यापक हिंसक हमला था. इस हमले में सिकंदर चौधरी की जान चली गई, जबकि एक नाबालिग सहित कई अन्य ग्रामीण गोली लगने और लाठी-डंडों व लोहे की रॉड के वार से गंभीर रूप से घायल हो गए थे. समय पर इलाज मिलने के कारण अन्य घायलों की जान तो बच गई, लेकिन इस जघन्य वारदात को समय रहते पुलिस की प्रभावी कार्रवाई से रोका जा सकता था.
14 नामजद आरोपियों पर अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर होने के आरोप
नेताओं ने आरोप लगाया कि घटना के काफी समय बीत जाने के बाद भी 14 नामजद आरोपी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं, जिससे पीड़ित परिवार और प्रत्यक्षदर्शी गवाह डर और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर हैं. न्यायालय से प्राप्त केस डायरी की प्रति का अध्ययन करने के बाद जांच प्रक्रिया में भारी अनियमितताओं की आशंका जताई गई है. आरोप है कि प्रत्यक्षदर्शी गवाहों के मूल बयानों को तोड़-मरोड़ कर उन्हें केवल सुनी-सुनाई बातों के गवाह (श्रुत साक्षी) के रूप में दर्ज किया गया है, जिससे अभियुक्तों को फायदा पहुंच सकता है. इस संबंध में पलामू के पुलिस अधीक्षक और पुलिस उपमहानिरीक्षक को लिखित सूचना देने के बावजूद अब तक कोई सुधारात्मक कदम नहीं उठाया गया है. विकासशील इंसान पार्टी ने मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए, शेष आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए, दोषी पुलिस अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई हो और पीड़ित परिवार को त्वरित न्याय के साथ-साथ सम्मानजनक पुनर्वास सुनिश्चित हो .

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