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हजारीबाग: बिजली नहीं, फिर भी CCTV! सरकारी योजनाओं पर उठे सवाल, विकास से ज्यादा दिखावे पर खर्च का आरोप

Hazaribagh: सरकार गांवों में पारदर्शिता, सुशासन और विकास का दावा करती है, लेकिन जमीनी हकीकत कई जगह इन दावों पर सवाल खड़े...

हजारीबाग: बिजली नहीं, फिर भी सीसीटीवी! सरकारी योजनाओं पर उठे सवाल, विकास से ज्यादा दिखावे पर खर्च का आरोप
सरकारी योजनाओं पर उठे सवाल, विकास से ज्यादा दिखावे पर खर्च का आरोप

Hazaribagh: सरकार गांवों में पारदर्शिता, सुशासन और विकास का दावा करती है, लेकिन जमीनी हकीकत कई जगह इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है. कटकमसांडी प्रखंड की रोमी पंचायत में पंचायत सचिवालय में बिजली की व्यवस्था तक नहीं है, फिर भी वहां लाखों रुपये की योजना के तहत सीसीटीवी (CCTV) कैमरे लगाए जाने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है. ग्रामीणों का आरोप है कि बिना बुनियादी सुविधा वाले भवन में सीसीटीवी (CCTV)लगाना सरकारी धन का दुरुपयोग है.

पहले मूलभूत सुविधा, फिर दिखावटी योजनाएं

ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत सचिवालय में नियमित बिजली आपूर्ति नहीं होने के कारण सीसीटीवी कैमरे केवल शोपीस बनकर रह गए हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि जब कैमरे संचालित ही नहीं हो सकते, तो उन पर सरकारी राशि खर्च करने का औचित्य क्या है. लोगों का कहना है कि पहले बिजली, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए थीं.

15वें वित्त आयोग की राशि पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि 15वें वित्त आयोग की राशि का उपयोग प्राथमिक आवश्यकताओं के बजाय ऐसे कार्यों में किया गया, जिनका आम जनता को कोई सीधा लाभ नहीं मिल रहा. ग्रामीणों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग जिला प्रशासन और पंचायती राज विभाग से की है.

अन्य योजनाओं में भी अनियमितता के आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत क्षेत्र में सड़क, नाली और आवास जैसी योजनाओं में भी मनमानी हुई है. कई स्थानों पर अधूरे कार्य, गुणवत्ता में कमी और योजना चयन को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं. लोगों का कहना है कि विकास योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पूरी तरह नहीं पहुंच रहा.

सरकारी नीतियों के क्रियान्वयन पर उठे सवाल

ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की योजनाएं कागजों पर तो प्रभावी दिखाई देती हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर उनकी प्राथमिकताएं और क्रियान्वयन कई बार जनता की जरूरतों से मेल नहीं खाते. उनका आरोप है कि बुनियादी समस्याओं को नजरअंदाज कर ऐसी योजनाओं पर खर्च किया जा रहा है, जिनका उपयोग सीमित या नगण्य है.

प्रशासन ने जांच का दिया भरोसा

मामले को लेकर प्रखंड विकास पदाधिकारी पूजा कुमारी ने कहा कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जाएगी. यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.

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