Seraikela: ईचागढ़ प्रखंड के पातकुम-लावा निर्माणाधीन सड़क बनते ही जगह-जगह उखड़ने लगी है. 37 करोड़ रुपये की लागत से बन रही इस सड़क में दरारें आ गई हैं. ग्रामीणों ने निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए जांच और गुणवत्तापूर्ण निर्माण की मांग की है.
गुणवत्ता पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि डुमटांड़ से लेकर पातकुम तक सड़क में जगह-जगह दरारें आ गई हैं और कालीकरण उखड़ रहा है. आरोप है कि निर्माण में सिर्फ खानापूर्ति की गई है.

ग्रामीणों के अनुसार, यह सड़क ईचागढ़ वासियों की लाइफ लाइन है. इसी सड़क से प्रखंड, अंचल मुख्यालय, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, राष्ट्रीय उच्च पथ और अनुमंडल कार्यालय जाया जाता है. संवेदक द्वारा अच्छी गुणवत्ता से काम नहीं किया जा रहा है.
ग्रामीणों की नाराजगी
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क उनके लिए बहुत जरूरी है. काम पूरा भी नहीं हुआ और सड़क टूटने लगी. पातपुर से लेपाटांड़ मैदान और लेपाटांड़ गांव से रानी बांध तक अब तक काम नहीं हुआ है. लग रहा है कि यह सड़क भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई.
ओवरलोड वाहनों पर भी सवाल
ग्रामीणों ने बताया कि निर्माणाधीन सड़क पर ओवरलोड हाइवा का परिचालन भी किया जा रहा है, जिससे सड़क और तेजी से खराब हो रही है. उन्होंने प्रशासन से मांग की कि भारी वाहनों के परिचालन पर तुरंत रोक लगाई जाए.
जांच की मांग
मालूम हो कि इस सड़क की स्वीकृति विधायक सविता महतो के प्रयास से मिली थी. ग्रामीणों ने विभागीय अभियंता और संबंधित पदाधिकारियों से पूरे मामले की जांच कराकर अविलंब गुणवत्तापूर्ण सड़क निर्माण कराने की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों की लागत से बन रही सड़क यदि अभी से क्षतिग्रस्त हो रही है तो आने वाले समय में आम जनता को भारी परेशानी उठानी पड़ेगी. प्रशासन से उम्मीद है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की जाएगी.


