Ranchi: रांची जिला क्रिकेट संघ (RDCA) में वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों ने संगठन के भीतर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है. सचिव शैलेंद्र कुमार और कोषाध्यक्ष सौमित्र पटनायक पर वित्तीय गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगाए गए हैं. शिकायतों के बाद दोनों से उनके सभी प्रशासनिक अधिकार और जिम्मेदारियां तत्काल प्रभाव से वापस ले ली गई हैं. मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है.

तीन सदस्यीय जांच समिति गठित
आरडीसीए के उपाध्यक्ष सुनील कुमार की ओर से जारी आदेश के अनुसार, जांच समिति की कमान उपाध्यक्ष अरविंद श्रीवास्तव को सौंपी गई है. समिति में जेएससीए के कार्यकारिणी सदस्य रमेश कुमार और आरडीसीए कार्यकारिणी सदस्य अनवर मुस्तफा को शामिल किया गया है. समिति को वित्तीय रिकॉर्ड की जांच करने, संबंधित पक्षों से पूछताछ करने और जल्द अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है.


कार्यवाहक पदाधिकारियों की नियुक्ति
इस बीच, संघ के कामकाज पर असर न पड़े, इसके लिए सहायक सचिव शंभू शरण सिन्हा को कार्यवाहक सचिव और अंजना दुबे को कार्यवाहक कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है. साथ ही आरोपित पदाधिकारियों को जांच में पूरा सहयोग करने और सभी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया गया है.
जांच समिति पर भी उठे सवाल
हालांकि, जांच समिति के गठन के साथ ही नया विवाद भी खड़ा हो गया है. संघ के भीतर यह आरोप लगाया जा रहा है कि जिन लोगों पर वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े सवाल उठ रहे हैं, उन्हीं से जुड़े लोगों को जांच प्रक्रिया में शामिल किया गया है. इसे लेकर निष्पक्षता पर सवाल उठाए जा रहे हैं. आलोचकों का कहना है कि यदि जांच प्रक्रिया पूरी तरह स्वतंत्र और पारदर्शी नहीं होगी, तो रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े होंगे.
रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
अब सबकी निगाहें जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हैं. रिपोर्ट के आधार पर ही यह तय होगा कि आरोप सही हैं या नहीं और संबंधित पदाधिकारियों के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल आरडीसीए में मचा यह विवाद क्रिकेट से ज्यादा प्रशासनिक और वित्तीय व्यवस्था को लेकर चर्चा का विषय बन गया है.


