Ranchi: झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी),रांची ने एक और बड़ी कार्रवाई की है. ब्यूरो की विशेष ट्रैप टीम ने बुढ़मू अंचल के सीओ सच्चिदानंद कुमार वर्मा, राजस्व उप-निरीक्षक (हल्का कर्मचारी) राजेश किशोर रवि और उनके भाई गौतम कुमार रवि को रिश्वत के मामले में संलिप्त पाते हुए गिरफ्तार कर लिया है. आरोपियों को शिकायतकर्ता दस हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया.
म्यूटेशन के नाम पर मांगी गई थी रिश्वत
जानकारी के अनुसार, माण्डर थाना क्षेत्र के ब्राम्बे गांव निवासी परिवादी सुबोध कुमार (पिता स्वर्गीय नंदकिशोर प्रसाद) ने इस संबंध में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी. सुबोध कुमार ने बताया कि उन्होंने बुढ़मू प्रखंड के मौजा-साइम (खाता संख्या 100, प्लॉट संख्या 1359) में स्थित तीन एकड़ 20 डिसमिल जमीन की रजिस्ट्री अपनी पत्नी पिंकी देवी, साली जया कुमारी और संगीता गुप्ता के नाम कराई थी इस जमीन के म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) के लिए उन्होंने बुढ़मू अंचल कार्यालय में आवेदन और डीड की छायाप्रति जमा की थी, लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी उनका कार्य लंबित रखा गया था.

अंचल कार्यालय के चक्कर काटने पर मांगी गई 80-90 हजार की घूस
जब परिवादी सुबोध कुमार ने बुढ़मू अंचल कार्यालय जाकर दाखिल-खारिज के संबंध में बात की, तो सीओ सच्चिदानंद कुमार वर्मा ने उन्हें राजस्व कर्मचारी राजेश कुमार से मिलकर बात तय करने को कहा. जब वे राजस्व कर्मचारी राजेश कुमार से मिले, तो कर्मचारी ने कहा कि म्यूटेशन की प्रक्रिया के लिए लगभग 80 से 90 हजार रुपये का खर्च आएगा. कर्मचारी ने यह भी कहा कि “कुछ कम दे दीजिएगा, आपका काम हो जाएगा.
कर्मचारी के भाई को एडवांस देते ही जाल में फंसे आरोपी
परिवादी जब दोबारा दाखिल-खारिज के संबंध में अंचल अधिकारी से मिले, तो उन्होंने फिर से राजस्व कर्मचारी से ही बात करने का निर्देश दिया. कार्यालय में कर्मचारी राजेश कुमार के साथ उनके भाई गौतम कुमार रवि भी मौजूद थे. बातचीत के दौरान गौतम कुमार ने परिवादी से कहा कि कम से कम 10 हजार रुपये अभी एडवांस के रूप में लाकर दे दीजिए, क्योंकि पहली बार म्यूटेशन के लिए डाला गया केस कैंसिल हो गया है और दूसरी बार पैसा मिलने के बाद ही केस आगे बढ़ाया जाएगा. पूरा पैसा भुगतान होने के बाद ही म्यूटेशन का काम पूरा होगा.
एसीबी की जाल में ऐसे फंसे भ्रष्ट अधिकारी
शिकायतकर्ता सुबोध कुमार रिश्वत देकर अपना काम नहीं कराना चाहते थे, इसलिए उन्होंने इसकी लिखित शिकायत एसीबी रांची से की. ब्यूरो की टीम ने मामले का विधिवत सत्यापन कराया, जिसमें दस हजार रिश्वत मांगे जाने की बात पूरी तरह सत्य पाई गई. सत्यापन के उपरांत, सात जुलाई को एसीबी की विशेष ट्रैप टीम ने जाल बिछाया. जैसे ही शिकायतकर्ता ने दस हजार की राशि राजस्व कर्मचारी के भाई गौतम किशोर रवि को थमाई, वैसे ही मुस्तैद टीम ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया. इस पूरे भ्रष्टाचार के खेल में अंचल अधिकारी सच्चिदानंद कुमार वर्मा और राजस्व कर्मचारी राजेश किशोर रवि की संलिप्तता और आरोपों को सही पाते हुए तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया.
ALSO READ: हजारीबाग: भाजपा नगर पूर्वी मंडल में संगठन का विस्तार, सीमांत विक्रम बने नए महामंत्री


