Gumla: नगर परिषद क्षेत्र में आम लोगों को बेहतर सड़क और जल निकासी की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कई विकास योजनाओं का टेंडर स्वीकृत किया गया था. इसके बाद विभिन्न वार्डों में सड़क और नाली निर्माण का कार्य भी शुरू हुआ, लेकिन कुछ विवादों के कारण इन योजनाओं पर रोक लगा दी गई. फिलहाल मामले की जांच चल रही है, जिसके कारण निर्माण कार्य अधर में लटक गया है.
अधूरी परियोजनाएं बन रहीं दुर्घटनाओं की वजह
निर्माण कार्य रुकने के कारण कई स्थानों पर सड़कें और नालियां अधूरी पड़ी हुई हैं. बरसात के मौसम में ये अधूरी परियोजनाएं आम लोगों के लिए परेशानी और दुर्घटना का कारण बनती जा रही हैं. जगह-जगह खुले पड़े नाले और अधूरी सड़कें लोगों की सुरक्षा पर बड़ा खतरा बन चुकी हैं.

नाले में गिरने से स्कूली छात्र गंभीर घायल
दो दिन पहले हरिओम कॉलोनी में निर्माणाधीन नाले में फिसलकर एक स्कूली छात्र गिर गया. हादसे में उसके पैर की हड्डी टूट गई, घायल छात्र का इलाज फिलहाल बिलासपुर में चल रहा है. परिजनों की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण इलाज का खर्च उठाना उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया है. इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ गई है.
नगर परिषद कार्यालय में हुई थी तालाबंदी
एक दिन पहले अधूरी योजनाओं को जल्द पूरा कराने की मांग को लेकर नगर परिषद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और कई पार्षदों ने नगर परिषद कार्यालय में तालाबंदी की थी. इस दौरान कार्यालय के कर्मचारी अंदर ही फंस गए थे, जनप्रतिनिधियों की मांग थी कि जांच प्रक्रिया जारी रहे, लेकिन जिन योजनाओं का निर्माण शुरू हो चुका है, उन्हें जल्द पूरा कराया जाए ताकि आम लोगों को राहत मिल सके.
कार्यपालक पदाधिकारी ने दिया आश्वासन
नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि रुकी हुई योजनाओं को जल्द शुरू कराने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि जैसे ही जांच पूरी होगी और निर्माण कार्य शुरू करने की अनुमति मिलेगी, सभी अधूरी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराया जाएगा.
ALSO READ: जामताड़ा : नारायणपुर में दर्दनाक सड़क हादसा, शिक्षक सुभाष दत्ता गंभीर घायल
बरसात में बढ़ा खतरा, लोगों ने की त्वरित कार्रवाई की मांग
बारिश के कारण अधूरी नालियां और टूटी सड़कें किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं, स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते निर्माण कार्य पूरा नहीं कराया गया तो भविष्य में और भी गंभीर दुर्घटनाएं हो सकती हैं. लोगों ने प्रशासन से जांच प्रक्रिया में तेजी लाने और जनहित को देखते हुए अधूरी परियोजनाओं का निर्माण शीघ्र पूरा कराने की मांग की है.


