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बढ़ी हुई नीलामी का बोझ जनता पर न पड़े, नगर निगम सुरक्षा व्यवस्था पर भी दे जवाब: रंजन कुमार दुबे

Palamu: मेदिनीनगर नगर निगम द्वारा इस वर्ष डिज्नीलैंड मेला सैरात की रिकॉर्ड ₹88.50 लाख में की गई नीलामी पर बीस सूत्री अध्यक्ष...

Palamu: मेदिनीनगर नगर निगम द्वारा इस वर्ष डिज्नीलैंड मेला सैरात की रिकॉर्ड ₹88.50 लाख में की गई नीलामी पर बीस सूत्री अध्यक्ष रंजन कुमार दुबे ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि नगर निगम को पिछले वर्ष की तुलना में ₹13.80 लाख अधिक राजस्व प्राप्त होना स्वागतयोग्य कदम जरूर है, लेकिन इससे भी बड़ा और गंभीर प्रश्न यह खड़ा होता है कि इस बढ़ी हुई नीलामी का आर्थिक बोझ आखिर कौन वहन करेगा?

टिकट, झूले और दुकानों के किराए पर मांगी स्पष्टता

रंजन कुमार दुबे ने आशंका जताते हुए कहा कि कहीं इस बढ़े हुए राजस्व की भरपाई मेले में आने वाले आम नागरिकों, महिलाओं, बच्चों, ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं और छोटे दुकानदारों से अधिक शुल्क वसूल कर तो नहीं की जाएगी? क्या इस बार मेले का प्रवेश टिकट, झूलों का शुल्क, मनोरंजन के अन्य साधनों के दाम और दुकानों का किराया बढ़ा दिया जाएगा? उन्होंने मांग की है कि नगर निगम को इस विषय पर अपनी नीति तुरंत जनता के सामने स्पष्ट करनी चाहिए, क्योंकि निगम को केवल राजस्व बढ़ाने की बात नहीं करनी चाहिए, बल्कि यह भी बताना चाहिए कि इस बार मेले में आम जनता की सुविधा के लिए ऐसा क्या नया और बेहतर होने जा रहा है जो पहले कभी नहीं हुआ.

सुरक्षा व्यवस्था पर भी उठाए गंभीर सवाल

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नगर निगम को घेरते हुए बीस सूत्री अध्यक्ष ने कहा कि पिछले वर्षों में जब-जब यहां डिज्नीलैंड मेला आयोजित हुआ है, तब-तब सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, पार्किंग, महिलाओं की सुरक्षा, यातायात व्यवस्था, साफ-सफाई और आपातकालीन चिकित्सा जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर गंभीर सवाल उठते रहे हैं. कई बार भारी अव्यवस्था और सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी सामने आई हैं, इसलिए अब केवल यह कह देना पर्याप्त नहीं होगा कि सुरक्षा के इंतज़ाम किए जाएंगे. जनता यह साफ-साफ जानना चाहती है कि इस वर्ष सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए क्या अलग और ठोस कदम उठाए जा रहे हैं. नगर निगम को बताना चाहिए कि क्या पिछले वर्षों की कमियों की समीक्षा की गई है और क्या मेला प्रबंधन के निजी सुरक्षा कर्मियों के साथ पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी?

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भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन योजना हो सार्वजनिक 

उन्होंने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए अलग हेल्प डेस्क बनाने, विशेष सुरक्षा व्यवस्था करने और सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने की जरूरत पर बल दिया. साथ ही पूछा कि क्या एम्बुलेंस, डॉक्टर, फर्स्ट एड और दमकल की व्यवस्था पूरे मेले के दौरान चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेगी? भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन निकासी की क्या ठोस योजना बनाई गई है? रंजन कुमार दुबे ने सचेत करते हुए कहा कि यदि हर वर्ष की तरह इस बार भी केवल औपचारिक घोषणाएं ही की गईं, तो जनता को इससे कोई विशेष लाभ नहीं मिलेगा, इसलिए नगर निगम को अपनी विस्तृत कार्ययोजना को सार्वजनिक करना चाहिए ताकि लोगों का विश्वास मजबूत हो सके.

दर सूची और पूरी कार्ययोजना पहले ही हो सार्वजनिक 

इसके साथ ही उन्होंने छोटे एवं मध्यम वर्ग के दुकानदारों के हितों की रक्षा को आवश्यक बताते हुए कहा कि यदि दुकानदारों से अधिक किराया वसूला जाएगा तो वे अपने सामान के दाम बढ़ाने को विवश होंगे, जिसका सीधा और सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा. उन्होंने नगर निगम और जिला प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि मेला प्रारंभ होने से पहले ही प्रवेश टिकट, झूलों के शुल्क, दुकानों के किराए तथा अन्य सभी शुल्कों की दर सूची सार्वजनिक की जाए. साथ ही सुरक्षा, चिकित्सा, महिला सुरक्षा, पार्किंग और यातायात की विस्तृत कार्ययोजना को भी आम जनता के सामने रखा जाए, ताकि लोगों को यह भरोसा हो सके कि इस बार का मेला केवल अधिक राजस्व वसूलने का माध्यम नहीं है, बल्कि एक सुरक्षित, व्यवस्थित और जनहितकारी आयोजन भी है. उन्होंने साफ कहा कि राजस्व बढ़ाना अच्छी बात है, लेकिन उससे भी अधिक आवश्यक यह है कि जनता की जेब पर अतिरिक्त बोझ न पड़े और हर वर्ष सामने आने वाली व्यवस्थागत कमियों की पुनरावृत्ति न हो, क्योंकि जनता अब केवल खोखली घोषणाओं से नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर बदलाव देखना चाहती है.

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