Ranchi: झारखंड के किसानों के लिए अच्छी खबर है. राज्य सरकार अब कृषि और बागवानी उत्पादों को विदेशों तक पहुंचाने की तैयारी तेज कर रही है. लक्ष्य है कि किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम मिले और झारखंड के उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी अलग पहचान बना सकें. कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने आज एपीडा (APEDA) के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की. इस दौरान राज्य से होने वाले कृषि निर्यात की मौजूदा स्थिति और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई. बैठक में निर्यात बढ़ाने के लिए कई सुझावों पर भी सहमति बनी. बैठक में बताया गया कि झारखंड के आम अब विदेशों में भी पसंद किए जा रहे हैं. वर्ष 2025 में पूर्वी सिंहभूम और पाकुड़ के आम सऊदी अरब के लुलु हाइपरमार्केट तक पहुंचे थे. वहीं 2026 में पूर्वी सिंहभूम, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा और देवघर के आम लंदन और दुबई जैसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भेजे गए.
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सब्जियां और चावल की भी विदेशों में पूछ
सिर्फ आम ही नहीं, बल्कि राज्य की लॉन्ग बीन्स, अरबी, भिंडी और जिमीकंद जैसी सब्जियां भी दुबई, कतर, मलेशिया और सिंगापुर जैसे देशों में निर्यात की जा रही हैं. वहीं झारखंड का गैर-बासमती चावल रूस, बेनिन, आइवरी कोस्ट और टोगो सहित कई देशों तक पहुंच रहा है. मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि सरकार किसानों से लेकर विदेशी बाजार तक पूरी सप्लाई चेन को मजबूत करेगी. उत्पादन, भंडारण, प्रसंस्करण, गुणवत्ता जांच, पैकेजिंग और निर्यात की व्यवस्था को बेहतर बनाया जाएगा, ताकि किसानों को अधिक लाभ मिल सके. उन्होंने बताया कि किसान उत्पादक संगठनों (FPO), निर्यातकों, एपीडा और सरकारी विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाने के लिए जल्द ही राज्य स्तरीय बैठक आयोजित की जाएगी. सरकार का उद्देश्य झारखंड को कृषि निर्यात के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करना है.


