Chatra: सीआरपीएफ जवान लक्ष्मण कुमार यादव की सड़क हादसे में हुई दर्दनाक मौत के बाद चतरा जिले में कोयला ढुलाई को लेकर एक बार फिर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है. गुरुवार को सिमरिया थाना क्षेत्र के देल्हो घाटी में कोयला खाली कर लौट रहे एक हाईवा की टक्कर से घायल जवान की इलाज के दौरान मौत हो गई. हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा, दोषी चालक पर कड़ी कार्रवाई और चतरा की सड़कों से हजारीबाग के कोयले की ढुलाई पर रोक लगाने की मांग को लेकर चतरा-सिमरिया सड़क जाम कर दिया. करीब 20 घंटे से जारी इस आंदोलन के कारण चतरा-हजारीबाग तथा चतरा-टंडवा-रांची मुख्य मार्ग पर वाहनों का परिचालन पूरी तरह बाधित हैं. जिससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई है.
प्रतिदिन सैकड़ों हाईवा वाहनों का आवागमन
ग्रामीणों का आरोप है कि इस सड़क पर प्रतिदिन सैकड़ों हाईवा वाहनों का आवागमन होता है. तेज रफ्तार,ओवरलोडिंग और अनियंत्रित परिचालन के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं, लेकिन प्रशासन और सीसीएल व एनटीपीसी समेत संबंधित कंपनियां प्रभावी कदम नहीं उठा रही हैं. लोगों का कहना है कि यह कोई पहला हादसा नहीं है, बल्कि पहले भी कई निर्दोष लोग कोयला वाहनों की चपेट में अपनी जान गंवा चुके हैं. उनका सवाल है कि जब कोयला परिवहन से सरकार और कंपनियों को राजस्व प्राप्त होता है, तो सड़क सुरक्षा, स्पीड कंट्रोल और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस व्यवस्था क्यों नहीं की जाती. वहीं आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे राजद के वरिष्ठ नेता एवं झारखंड सरकार के पूर्व श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने कहा कि हजारीबाग का कोयला हजारीबाग से निकलता है और वहीं जाता है, फिर परिवहन के लिये चतरा की सड़कों को ही क्यों चुना गया? उन्होंने कहा कि सीसीएल और एनटीपीसी चतरा की जनता को बलि का बकरा समझ रही हैं.

20 घंटों से ज्यादा समय से सड़क जाम
जिला प्रशासन भी मूकदर्शक बना हुआ है. किसी भी कीमत पर पब्लिक रोड से कोयले की ढुलाई नहीं होने देंगे. इसके लिए जिस स्तर तक लड़ाई लड़नी पड़ेगी, लड़ेंगे. जबकि झामुमो के पूर्व सिमरिया विधानसभा प्रत्याशी मनोज चंद्रा ने कहा कि लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं में निर्दोष लोगों की जान जा रही है. अब जनता चुप नहीं बैठेगी. जब तक चतरा की सड़कों से कोयला ढुलाई बंद नहीं होगी और स्थायी समाधान नहीं निकलेगा, उन्होंने कहा कि आंदोलन जारी रहेगा. प्रशासन को जनता की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए. इधर मृत जवान के परिजनों ने भी कोयला ढुलाई पूरी तरह बंद करने की मांग दोहराई है. हालांकि मौके पर सिमरिया बीडीओ चन्द्रदेव प्रसाद, अंचलाधिकारी (सीओ) गौरव रॉय और थाना प्रभारी सूर्यप्रताप सिंह आक्रोशित ग्रामीणों और नेताओं को समझाकर जाम समाप्त कराने का प्रयास करते रहे, लेकिन आंदोलनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे. बहरहाल विगत 20 घंटों से ज्यादा समय से सड़क जाम हैं और प्रशासन आंदोलनकारियों से वार्ता में जुटा हुआ हैं.


