Seraikela : राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की माननीया Special Rapporteur श्रीमती सुचित्रा सिन्हा के सरायकेला-खरसावां जिले के भ्रमण कार्यक्रम की शुरुआत गुरुवार को हुई. भ्रमण के पहले दिन 10 जुलाई 2026 को उन्होंने नीमडीह प्रखंड के हेबेन पंचायत अंतर्गत पूर्ण रूप से डूबे आंडा गांव का दौरा किया और विस्थापित परिवारों से सीधे संवाद किया.
विस्थापित परिवारों से की मुलाकात
गांव का निरीक्षण करने के बाद सुचित्रा सिन्हा ने विस्थापित परिवारों से मुलाकात की और उनकी समस्याओं को विस्तार से सुना. इस दौरान विस्थापितों ने भूमि आवंटन, लंबित मुआवजा, विकास पुस्तिका में नाम दर्ज कराने, भूमि सीमांकन, पुनर्वास स्थल पर मूलभूत सुविधाएं, रोजगार, अनुदान और अवैध कब्जे जैसे मुद्दों से जुड़े आवेदन और दस्तावेज सौंपे.मौके पर नीमडीह के प्रखंड विकास पदाधिकारी, पुनर्वास कार्यालय संख्या-02 चांडिल के अधिकारी और हेबेन पंचायत के मुखिया भी मौजूद रहे. अधिकारियों ने विस्थापितों द्वारा उठाए गए मुद्दों पर अपना पक्ष रखा.विस्थापित परिवारों ने उम्मीद जताई कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के हस्तक्षेप से वर्षों से लंबित पुनर्वास संबंधी समस्याओं का समाधान समयबद्ध तरीके से हो सकेगा.

विस्थापित प्रतिनिधियों के साथ होगी समीक्षा बैठक
NHRC की Special Rapporteur सुचित्रा सिन्हा का जिले में आगामी दिनों में भी भ्रमण कार्यक्रम निर्धारित है. 11 जुलाई को नीमडीह प्रखंड के गुंडा पंचायत के ग्राम लावा और सीमा, 12 जुलाई को चांडिल प्रखंड के ग्राम छोटालाखा, 13 जुलाई को ग्राम लावा और 14 जुलाई को ग्राम सीमा का दौरा किया जाएगा.15 जुलाई को जमशेदपुर में सुवर्णरेखा बहुउद्देशीय परियोजना के अधिकारियों और चांडिल, नीमडीह व ईचागढ़ प्रखंडों के विस्थापित प्रतिनिधियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी.विस्थापित अधिकार मंच फाउंडेशन ने प्रभावित परिवारों से अपील की है कि जिन गांवों का भ्रमण अभी बाकी है, वहां के लोग अपने लंबित मामलों से संबंधित आवेदन दो प्रतियों में और दस्तावेजों की छायाप्रति के साथ निर्धारित तिथि पर उपस्थित होकर NHRC की Special Rapporteur को सौंपें.यह भ्रमण सुवर्णरेखा चांडिल बांध परियोजना से प्रभावित विस्थापित परिवारों के पुनर्वास, मुआवजा और मानवाधिकार से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है.
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