Ranchi : झारखंड में मानसून एक्टिव तो है पर राज्य में अब तक औसत से 36 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है. राज्य भर के आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति काफी चिंताजनक है. कहीं भी सामान्य से अधिक वर्षा की सूचना नहीं है. सभी जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से कम रहा है. सबसे खराब स्थिति गढ़वा जिले की है. जहां सामान्य के मुकाबले महज 25 फीसदी बारिश हुई है और 75 फीसदी की कमी दर्ज की गई है. चतरा और पाकुड़ जैसे जिलों में भी बारिश का हाल बुरा है. जहां कमी क्रमश 66 और 60 फीसदी तक की कमी है. कोडरमा में भी 59 फीसदी की भारी कमी देखी गई है.
सबसे अधिक कमी वाले जिले
• गढ़वा में 75%, चतरा में 66%, पाकुड़ में 60%, कोडरमा में 59%, देवघर में 52% और गोड्डा में 51 फीसदी बारिश कम हुई है.

औसत से कम वाले जिले
• हजारीबाग में 47%, लातेहार में 45%, खूंटी में 43%, गिरिडीह 41%, साहिबगंज में 42%, लोहरदगा में 42%, पूर्वी-सिंहभूम में 40%, पलामू में 40%, बोकारो में 39%, रामगढ़ में 37% और गुमला में 32% बारिश कम हुई है.
कम संकट वाले जिले
• धनबाद में 29%, जामताड़ा में 28%, पश्चिमी-सिंहभूम में 22%, दुमका में 19%, रांची में 14%, सराएकेला-खरसावां में 13% और सिमडेगा में 12% बारिश कम हुई है.
खेती और अर्थव्यवस्था पर असर
झारखंड की अधिकांश कृषि वर्षा-आधारित है. धान की रोपाई का यह सबसे महत्वपूर्ण समय है, लेकिन पर्याप्त बारिश न होने के कारण खेतों में पानी का स्तर नीचे चला गया है. रोपाई का कार्य या तो रुक गया है या बेहद धीमी गति से चल रहा है. मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, मानसून की द्रोणिका और नमी की कमी के कारण बारिश का वितरण असमान रहा है. हालांकि, मानसून का सीजन अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है, लेकिन सांख्यिकीय आंकड़ों को देखें तो अब तक का यह अंतराल भर पाना एक बड़ी चुनौती है.
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