NewsWave Desk : अमेरिका और ईरान के बीच स्थिति फिर से तनावपूर्ण हो गयी है. इसी बीच पाकिस्तान और सऊदी अरब ने बयान जारी किया है. जिसमें पश्चिमी एशिया में लगातार बढ़ रहे तनाव का जिक्र किया गया है. दोनों देशों में पश्चिमी एशिया में बढ़ते तनाव पर चिंता जाहिर की है. साथ ही कहा है कि इस तनावपूर्ण स्थिति के कारण क्षेत्रीय शांति और स्थिरता को खतरा पैदा हो गया है. पाकिस्तान की ओर से विदेश मंत्री इशाक डार और सऊदी अरब के उनके समकक्ष प्रिंस फैसल बिन फरहान ने शनिवार इस मामले में चर्चा की. इसके पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी अमेरिका-ईरान के बीच शांति वार्ता को लेकर ईरान और कतर के नेताओं से अलग-अलग बातचीत की थी. निजी मीडिया चैनलों के मुताबिक अधिकारियों ने कहा कि हालिया तनाव और हमलों के बाद दोनों पक्षों के बीच बंद हुई शांति वार्ता को फिर से शुरू करने के प्रयासों के बीच ये बातचीत की गई.
दोनों देशों ने 18 जून को किया था एमओयू पर हस्ताक्षर
जानकारी हो कि अमेरिका और ईरान के बीच फरवरी से जंग जारी है. इस युद्ध को समाप्त करने के लिये कतर और पाकिस्तान ने अहम भूमिका निभायी. जहां 60 दिनों के शांति समझौते पर दोनों देशों से हस्ताक्षर कराया गया. इसके बाद अमेरिका की ओर से सीज फायर की घोषणा की गयी. लेकिन इसके बाद पिछले कुछ दिनों दोनों देशों के बीच युद्ध फिर से शुरू हो गया. हालांकि दोनों देशों के मध्य युद्ध का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ा.
सऊदी अरब ने संवाद करने की अपील
सऊदी अरब के विदेश मंत्री ने जारी कूटनीतिक प्रयासों पर अपने देश का दृष्टिकोण रखा और तनाव कम करने और संवाद जारी रखने पर जोर दिया. पाकिस्तान के डिप्टी पीएम इशाक डार ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की. साथ ही उन्होंने कहा कि मध्यस्थता के प्रयासों को शांतिपूर्ण और सार्थक परिणाम हासिल करने के लिए आवश्यक समय और अवसर दिया जाना चाहिए.
