Ranchi: पुलिस का नाम सुनते ही अक्सर बच्चे ही नहीं, बड़ों के मन में भी डर बैठ जाता है. लेकिन रविवार को चुटिया स्थित बाल मित्र थाना का माहौल बिल्कुल अलग था. यहां वर्दी की सख्ती नहीं, बल्कि दोस्ती, अपनापन और भरोसे का संदेश देखने को मिला. नेशनल डॉमेस्टिक वर्कर्स वेलफेयर ट्रस्ट की पहल पर कोकर इलाके के अलग-अलग स्कूलों के करीब 40 बाल सांसदों ने थाना पहुंचकर न सिर्फ पुलिस से खुलकर बातचीत की, बल्कि बच्चों के अधिकार, साइबर अपराध, नशा, पोक्सो और मानव तस्करी जैसे गंभीर विषयों की भी जानकारी हासिल की.
कार्यक्रम का उद्देश्य: बच्चों के मन से पुलिस का डर खत्म करना
कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों के मन से पुलिस का डर खत्म करना और उन्हें यह एहसास कराना था कि पुलिस उनकी सुरक्षा और मदद के लिए हमेशा तैयार रहती है. बाल मित्र थाना के नोडल पदाधिकारी सब इंस्पेक्टर जितेंद्र मिश्रा ने बच्चों से बेहद सहज अंदाज में बातचीत की. उन्होंने कहा कि किसी भी परेशानी, शोषण या अपराध की स्थिति में बच्चे बिना झिझक पुलिस के पास आएं और अपनी बात रखें.

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