Ranchi: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2025 को लेकर सामने आ रहे विवादों पर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रही OMR शीट और परीक्षा परिणाम से जुड़े दावों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. यदि ये आरोप सही साबित होते हैं, तो यह लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य और भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करेगा. रघुवर दास ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता से कोई समझौता नहीं होना चाहिए. युवाओं का भरोसा बनाए रखना सरकार और आयोग की जिम्मेदारी है.
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पूर्व सीएम ने कहा- उनके कार्यकाल में भर्ती प्रक्रिया रही पारदर्शी
उन्होंने अपने कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा किया था. उनके अनुसार, उस दौरान एक लाख से अधिक सरकारी नियुक्तियां बिना किसी बड़े विवाद के हुईं. उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड दारोगा भर्ती महज नौ महीने में पूरी कर ली गई थी, जबकि शिक्षक, वनरक्षी, पंचायत सचिव, राजस्व उपनिरीक्षक, उत्पाद उपनिरीक्षक और विभागीय लिपिक समेत कई पदों पर भी पारदर्शी तरीके से नियुक्तियां की गई थीं. पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जानी चाहिए और यदि परीक्षा में किसी प्रकार की गड़बड़ी हुई है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए.
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