Ranchi: एसीबी के विशेष न्यायाधीश ओंकार नाथ चौधरी की अदालत में 8000 रुपये रिश्वत के साथ गिरफ्तार हुए ब्लॉक प्रोग्राम ऑफिसर (बीपीओ) अनिल खलखो की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई. अदालत ने याचिका खारिज करते हुए बीपीओ को जमानत देने से इनकार कर दिया. बताते चले की अदालत में नौ जुलाई को याचिका पर सुनवाई करते आदेश सुरक्षित रख लिया था और फैसला सुनाने के लिए 13 जुलाई की तिथि निर्धारित की गयी थी. आरोपी अनिल खलखो सिमडेगा जिला के केरसई प्रखंड में बीपीओ के पद पर पदस्थापित थे. रंजीत खाखा नामक व्यक्ति ने एसीबी को आवेदन देकर रिश्वत मांगने की शिकायत की थी. एसीबी के जांच में मामला सही पाया और कार्रवाई करते हुए 8000 रुपये रिश्वत के साथ अनिल खलखो को रंगे हाथों गिरफ्तार किया था. मामला विद्यालय में मध्याह्न भोजन योजना के तहत अंडा और फलाहार मद की राशि का उपयोग से जुड़ा था.
क्या है पूरा मामला
वित्तीय वर्ष 2025-2026 में कुल उपलब्ध राशि में से लगभग 1.09 लाख रुपये खर्च किए गए थे, जबकि लगभग 33426 रुपये शेष था. शेष राशि का प्रतिवेदन जमा करने के दौरान बीपीओ अनिल खलखो ने 15000 रुपये रिश्वत की मांग की थी. राशि नहीं देने पर उच्च पदाधिकारी से शिकायत कर कार्रवाई कराने की धमकी दी थी. शिकायतकर्ता के द्वारा राशि कम करने के अनुरोध पर 8000 रुपये में तय हुआ. लेकिन सरकारी कार्य के बदले रिश्वत नहीं देने की मंशा से शिकायतकर्ता ने इसकी शिकायत एसीबी से की. जिसका सत्यापन कर एसीबी ने जाल बिछाकर 24 जून को रिश्वत के साथ अनिल खलखो को रंगे हाथों गिरफ्तार किया और जेल भेज दिया था.
