Dhanbad: मानसून के दौरान कोयले के उत्पादन और आपूर्ति को निर्बाध बनाए रखने के लिए भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) ने कमर कस ली है. BCCL के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक (CMD) मनोज कुमार अग्रवाल ने स्पष्ट किया है, कि बारिश के मौसम में भी कोयला उत्पादन और परिवहन की रफ्तार प्रभावित नहीं होनी चाहिए. उन्होंने अधिकारियों को सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करते हुए तय लक्ष्यों को हासिल करने के सख्त निर्देश दिए हैं. CMD मनोज कुमार अग्रवाल ने यह बातें बस्ताकोला विकास भवन में आयोजित एक उच्चस्तरीय समन्वय बैठक के दौरान कहीं. बैठक में क्षेत्र के महाप्रबंधक और विभिन्न परियोजनाओं के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया.
जमीनी हकीकत जानने पहुंचे खदान
बैठक के बाद CMD सीधे बस्ताकोला परियोजना और बस्ताकोला जियो-सीपी का निरीक्षण करने पहुंचे. उन्होंने जमीनी स्तर पर मानसून से निपटने की तैयारियों और व्यवस्थाओं का जायजा लिया. इस दौरान उनके साथ मुख्य रूप से परियोजना पदाधिकारी चंद्रशेखर सिंह, क्षेत्रीय सुरक्षा पदाधिकारी अजय कुमार सिंह, खान प्रबंधक अभिषेक शर्मा, विनोद राज (राजापुर प्रबंधक), सुरक्षा पदाधिकारी गौरव अग्रवाल और सर्वेयर एस. के. राय सहित कई अधिकारी मौजूद थे.
इन मुख्य बिंदुओं पर रहा फोकस
जलजमाव पर नियंत्रण: मानसून के दौरान खदानों में पानी भरने की समस्या से निपटने के लिए ड्रेनेज और पंपिंग सिस्टम को दुरुस्त रखने को कहा गया.
सुरक्षा प्रोटोकॉल: उत्पादन के दबाव के बीच सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करने और प्रत्येक खदान में सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने का निर्देश.
निर्बाध परिवहन: बारिश के दिनों में भी कोयले की ढुलाई (डिस्पैच) प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक रास्तों और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर चर्चा हुई.
अवैध खनन करने वालों के मंसूबे होंगे नाकाम: CMD
मीडिया से बातचीत करते हुए CMD मनोज कुमार अग्रवाल ने अवैध उत्खनन पर कड़ा रुख अख्तियार किया. उन्होंने कहा, “केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुरूप कोयला चोरी और अवैध उत्खनन के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है. कोयलांचल के किसी भी क्षेत्र में अवैध खनन करने वालों के मंसूबों को सफल नहीं होने दिया जाएगा. सुरक्षा एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर यह अभियान लगातार जारी रहेगा.”
यह भी पढ़ें: चाईबासा: अवैध बालू परिवहन पर खनन टास्क फोर्स की बड़ी कार्रवाई, दो ट्रैक्टर जब्त
