Ranchi : झारखंड हाईकोर्ट ने हरमू नदी सौंदर्यीकरण मामले से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में JUIDCO को बड़ा झटका दिया है. हाईकोर्ट ने एमएस ईगल इंफ्रा इंडिया लिमिटेड के सभी स्वीकृत बकाया का भुगतान 60 दिनों के भीतर करने का आदेश दिया है. अदालत ने कहा कि जब कार्य पूर्ण होने और बैंक गारंटी जारी करने की बात स्वयं JUIDCO स्वीकार कर चुका है, तो भुगतान रोकने का कोई औचित्य नहीं है. न्यायाधीश आनंदा सेन की अदालत ने स्पष्ट किया कि सिर्फ यह कहकर कि मामला अनुबंध से जुड़ा है या विवादित तथ्य है. भुगतान से बचा नहीं जा सकता. अगर राज्य या उसकी एजेंसी ने स्वीकृत बकाया राशि का भुगतान नहीं किया है तो ऐसी राशि की वसूली के लिए रिट याचिका भी सुनवाई योग्य है. कोर्ट ने पाया कि JUIDCO ने स्वयं स्वीकार किया है कि कंपनी ने परियोजना और पांच वर्षों का ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस O&M कार्य पूरा कर लिया था और अंतिम बिल जांच के अधीन था.
बैंक गारंटी के बाद भी काम में सवाल उठाना उचित नहीं
इसके बावजूद भुगतान नहीं किया गया. अदालत ने यह भी माना कि बैंक गारंटी जारी कर देना इस बात का प्रमाण है कि कार्य संतोषजनक ढंग से पूरा हुआ और बाद में गुणवत्ता पर आपत्ति उठाना उचित नहीं है. हाईकोर्ट ने यह भी माना कि O&M अवधि समाप्त होने के बाद भी परियोजना का हैंडओवर नहीं होने के कारण कंपनी को 16 महीने तक अतिरिक्त कार्य करना पड़ा. जिसका भुगतान भी JUIDCO को करना होगा. अदालत ने सभी बकाया राशि पर देय तारीख से वास्तविक भुगतान तक 10 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने का भी निर्देश दिया.
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