Ranchi: झारखंड में इस साल मानसून की चाल काफी सुस्त बनी हुई है, जिससे राज्य के किसानों और आम जनमानस की चिंताएं बढ़ गई हैं. मौसम केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, मानसून की शुरुआत के बाद से ही राज्य में सामान्य से बेहद कम बारिश दर्ज की गई है. स्थिति इतनी गंभीर है कि राज्य का कोई भी जिला अब तक सामान्य बारिश के लक्ष्य को हासिल नहीं कर पाया है. पूरे राज्य में औसत बारिश में 41 प्रतिशत की भारी कमी देखी जा रही है. मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि मानसून की ट्रफ लाइन का राज्य से दूर होना और बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र न बनना इस कम बारिश का मुख्य कारण है. हालांकि,अगले कुछ दिनों में मौसम में बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है.
गढ़वा सबसे सूखा, सिमडेगा की स्थिति थोड़ी बेहतर
राज्य के लगभग सभी जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से काफी नीचे है. सबसे भयावह स्थिति पलामू प्रमंडल के गढ़वा जिले की है, जहां सामान्य से 80 प्रतिशत कम बारिश हुई है. वहीं, चतरा और कोडरमा जिले भी क्रमशः 69 और 63 प्रतिशत की कमी है. सिमडेगा में बारिश में कमी का प्रतिशत 23 है. राजधानी रांची की बात करें, तो यहां भी बारिश की कमी 24 प्रतिशत दर्ज की गई है. जुलाई का महीना धान की बुवाई और बिचड़ा तैयार करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण होता है. लेकिन, पर्याप्त वर्षा न होने के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है. दुमका में 16%, सरायकेला-खरसावां में 21% फीसदी बारिश कम हुई है. हजारीबाग, देवघर,लातेहार और पलामू जैसे प्रमुख जिलों में भी बारिश की कमी 50 प्रतिशत के आसपास बनी हुई है.
