Bokaro: बुधवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में उपायुक्त अजय नाथ झा की अध्यक्षता में जिला योजना क्रियान्वयन समिति की बैठक आयोजित हुई. बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत जिला अनाबद्ध निधि से प्राप्त आवंटन तथा प्रस्तावित योजनाओं की समीक्षा की गई. इस क्रम में उपायुक्त ने वित्तीय वर्ष 25-26 के तहत लिए गए योजनाओं की प्रगति का भी समीक्षा किया गया. बैठक के दौरान एनआरईपी, स्पेशल डिवीजन, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, तेनुघाट, चास तथा लघु सिंचाई (माइनर इरिगेशन) सहित अन्य एजेंसियों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली गई. साथ ही सभी कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने का निर्देश दिया.
अनाबद्ध निधि के व्यय का तय हुआ स्वरूप
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि प्राप्त आवंटन का 15 प्रतिशत पेयजल, 15 प्रतिशत शिक्षा, 30 प्रतिशत बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर, 15 प्रतिशत सिंचाई, 15 प्रतिशत आजीविका एवं स्वास्थ्य तथा 10 प्रतिशत आकस्मिक मद पर व्यय किया जाएगा.
निर्माण के साथ रखरखाव पर भी रहेगा विशेष ध्यान
उपायुक्त ने कहा कि जिला अनाबद्ध निधि से ली जाने वाली सभी योजनाओं में निर्माण कार्य के साथ-साथ उनके रखरखाव (मेंटेनेंस) का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा. उन्होंने निर्देश दिया कि संबंधित कार्यान्वयन एजेंसियां अपने प्राक्कलन में निर्माण कार्य के साथ तीन से पांच वर्षों तक के रख रखाव का प्रावधान भी शामिल करें, ताकि निर्मित परिसंपत्तियों की गुणवत्ता एवं उपयोगिता लंबे समय तक बनी रहे.
नियमित समीक्षा बैठक आयोजित करने का निर्देश
उपायुक्त ने जिला योजना पदाधिकारी को निर्देश दिया कि जिला अनाबद्ध निधि से संचालित योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए. उन्होंने कहा कि प्रत्येक पखवाड़े अद्यतन प्रगति प्रतिवेदन के साथ उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में तथा प्रत्येक माह उनके अध्यक्षता में योजनाओं की समीक्षा बैठक सुनिश्चित किया जाए. बैठक में विभिन्न विभागों से प्राप्त कई योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई.बैठक में पुलिस अधीक्षक नाथू सिंह मीणा, उप विकास आयुक्त शताब्दी मजुमदार, प्रशिक्षु आईएएस अरविंद राधाकृष्णन, जिला योजना पदाधिकारी राज शर्मा, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. एन.पी. सिंह, डीपीआरओ रवि कुमार, सीएसआर नोडल पदाधिकारी शक्ति कुमार, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सिंह सहित संबंधित एजेंसियों के कार्यपालक अभियंता आदि उपस्थित थे.
