एक्शन में सीएम हेमंत सोरेन : प्रोजेक्ट्स में देरी की तो नपेंगे अधिकारी, समय सीमा और गुणवत्ता से समझौता नामंजूर

Ranchi: झारखंड की बदहाल सड़कों और धीमी चाल से चल रहे निर्माण कार्यों को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अब सीधे एक्शन...

CM Hemant Soren in action: Officials will be held accountable for project delays; compromise on deadlines and quality is unacceptable.

Ranchi: झारखंड की बदहाल सड़कों और धीमी चाल से चल रहे निर्माण कार्यों को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अब सीधे एक्शन मोड अपना लिया है. पथ निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के कड़े तेवर और साफ निर्देश दिया कि अब राज्य में लापरवाही का दौर समाप्त हो गया है. मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में अधिकारियों को चेतावनी दी है कि परियोजनाओं में अब किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी या गुणवत्ता के साथ समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

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डिटेलिंग और जियो-टैगिंग, अब हर ईंट का होगा हिसाब

मुख्यमंत्री ने पारदर्शिता और जवाबदेही को नई परिभाषा देते हुए सभी निर्माणाधीन और पूर्ण परियोजनाओं का डिजिटल डेटाबेस तैयार करने का आदेश दिया है. अब सिर्फ कागजों पर काम नहीं चलेगा. विभाग को हर प्रोजेक्ट की अनिवार्य रूप से जियो-टैगिंग करनी होगी. सरकार अब मुख्यालय में बैठकर ही प्रदेश के किसी भी कोने में बन रही सड़क या पुल की गुणवत्ता, प्रगति और लागत की पल-पल निगरानी करेगी.

सोशल मीडिया शिकायतों पर त्वरित एक्शन के आदेश

हेमंत सोरेन ने विभाग को निर्देश दिया है कि अब केवल फाइलें न दौड़ें, बल्कि जनता की आवाज सुनी जाए. सोशल मीडिया, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से गड्ढों, जलजमाव या घटिया निर्माण की जो भी शिकायतें सामने आएं, उन पर तुरंत कार्रवाई की जाए. मुख्यमंत्री ने बारिश के मौसम को देखते हुए सड़कों की मरम्मत और जल निकासी को सर्वोच्च प्राथमिकता सूची में रखने को कहा है. उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता को सुविधा देना केवल कर्तव्य नहीं, बल्कि विभाग की पहली जिम्मेदारी है.

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दो माह का अल्टीमेटम

राजधानी रांची समेत राज्य भर में वर्षों से लंबित फ्लाईओवर और सड़कों के प्रोजेक्ट्स को लेकर सीएम ने कड़ी नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने स्पष्ट आदेश दिया है कि महत्वपूर्ण परियोजनाओं को अगले दो माह के भीतर हर हाल में पूरा किया जाए. मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय-सीमा का उल्लंघन हुआ, तो बहानेबाजी नहीं चलेगी. लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ सीधे विभागीय कार्रवाई की जाएगी.

कार्यशैली में बदलाव, लापरवाही पर सीधे नकेल

मुख्यमंत्री ने यह सुनिश्चित करने को कहा है कि भविष्य की कार्य योजनाओं की तैयारी समय रहते पूरी कर ली जाए. उन्होंने बार-बार दोहराया कि राज्य की बुनियादी संरचना ही विकास की नींव है और इस नींव को किसी भी सूरत में कमजोर नहीं छोड़ा जा सकता. अब अधिकारियों को यह समझना होगा कि तय समय-सीमा अब केवल एक सुझाव नहीं, बल्कि अनिवार्य नियम है.

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