Ranchi: रांची जिला क्रिकेट संघ (RDCA) में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच को लेकर नए सवाल खड़े हो रहे हैं. शिकायत के आधार पर संघ ने सचिव और कोषाध्यक्ष के अधिकारों पर रोक लगा दी, लेकिन शिकायत में जिन अन्य पदाधिकारियों और क्लब संचालकों के नाम भी शामिल बताए गए हैं, उनके खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं होने से जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे हैं. दरअसल, RDCA के पूर्व सचिव सुनील कुमार सिंह ने 4 जून 2026 को एक शिकायत पत्र के माध्यम से संघ में वित्तीय गड़बड़ी के आरोप लगाए थे. इसके बाद 6 जुलाई को RDCA ने सचिव शैलेंद्र कुमार और कोषाध्यक्ष सौमित्र पटनायक को अगले आदेश तक कार्य करने से रोकते हुए मामले की जांच के निर्देश दिए. हालांकि, शिकायत में जिन अन्य लोगों की भूमिका का भी उल्लेख किया गया था, उनके खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया गया.
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तथाकथित ‘मनी ट्रेल’ से जुड़े मामले में दूसरे लोगों के नामों का भी उल्लेख
शिकायत में कथित तौर पर सहायक सचिव नंदजी पांडे, सहायक सचिव सुनील पाल, कार्यकारिणी सदस्य मुज्जफर अली के अलावा कुछ क्लब संचालकों और अंपायरों के नाम भी शामिल बताए गए हैं. आरोप है कि तथाकथित “मनी ट्रेल” से जुड़े मामले में इनकी भूमिका की भी जांच की मांग की गई थी, लेकिन अब तक इनके खिलाफ कोई प्रशासनिक कार्रवाई नहीं हुई. इसी को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि यदि शिकायत के आधार पर दो पदाधिकारियों पर कार्रवाई की गई, तो बाकी नामों को जांच की परिधि से बाहर क्यों रखा गया. मामले को लेकर यह भी आरोप लगाए जा रहे हैं कि चयनात्मक कार्रवाई से जांच की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है. हालांकि, इन आरोपों पर RDCA की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
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