Palamu: राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय, डंडीला में पदस्थापित शिक्षक दिनेश प्रसाद के कथित दुर्व्यवहार और रवैये को लेकर छात्र-छात्राओं, ग्रामीणों तथा अभिभावकों में भारी आक्रोश है. इस संबंध में छात्र-छात्राओं,ग्रामीणों, अभिभावकों और स्थानीय मुखिया की मौजूदगी में हुसैनाबाद बीआरसी कार्यालय के समक्ष शुक्रवार को जमकर नारेबाजी व प्रदर्शन किया. इसके बाद सर्वसम्मति से निर्णय लेते हुए प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी (बीईईओ), हुसैनाबाद के नाम एक मांग पत्र सौंपा गया है.अभिभावकों व ग्रामीणों ने आरोपी शिक्षक दिनेश प्रसाद को तत्काल प्रभाव से हटाने और पूर्व शिक्षक सुचित कुमार सिंह को विद्यालय में पुनः बहाल करने की मांग की है. सौंपे गए पत्र में ग्रामीणों ने शिक्षक दिनेश प्रसाद पर कई गंभीर और संवेदनशील आरोप लगाए हैं. ग्रामीणों का कहना है कि जब से इस शिक्षक का आगमन विद्यालय में हुआ है, तब से स्कूल की शैक्षणिक व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर गई है. शिक्षक द्वारा स्कूल में बच्चों को हाथ में धागा (कलावा) बांधने से मना किया जाता है. साथ ही, विद्यालय में स्थापित मां सरस्वती की तस्वीर पर पूजा-पाठ करने और अगरबत्ती जलाने पर भी रोक लगाई गई है.
शिक्षक के व्यवहार से तंग आकर बच्चों ने स्कूल जाना किया बंद
शिक्षक के व्यवहार से तंग आकर बच्चों ने स्कूल जाना बंद कर दिया है. छात्र लगातार अपने अभिभावकों से शिक्षक के गलत आचरण की शिकायत कर रहे हैं अभिभावक-शिक्षक बैठक (पीटीएम) के दौरान जब नियमों की बात की गई, तो शिक्षक ने कथित तौर पर कहा कि “इतना सब करने की क्या जरूरत है? मैं जिस स्कूल में पहले था, वहां इधर-उधऱ से दो-चार चरवाहों को पकड़कर, फोटो खींचकर और दस्तखत करवाकर कागजी खानापूर्ति कर लेता था.”ऐसे संकीर्ण मानसिकता वाले शिक्षक को किसी भी परिस्थिति में विद्यालय में नहीं रहने देना चाहिए. इनके रहने से बच्चों के भविष्य और विद्यालय के माहौल पर बेहद बुरा असर पड़ रहा है.”आवेदन में ग्रामीणों, अभिभावकों और मुखिया ने प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी से नम्र निवेदन करते हुए मांग की है कि तीन दिनों के भीतर शिक्षक दिनेश प्रसाद को राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय डंडीला से हटाया जाए और उनकी जगह शिक्षक सुचित कुमार सिंह को पुनः विद्यालय में पदस्थापित किया जाए. तय सीमा के भीतर कार्रवाई न होने पर ग्रामीणों ने आगे के आंदोलन की चेतावनी दी है.
