TET अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों ने सांसद सुखदेव भगत को सौंपा ज्ञापन, संसद में मुद्दा उठाने का मिला भरोसा

Lohardaga: TET (शिक्षक पात्रता परीक्षा) अनिवार्यता के विरोध में चल रहे देशव्यापी आंदोलन के तहत शनिवार को अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ...

TET अनिवार्यता के विरोध में सांसद सुखदेव भगत को ज्ञापन सौंपते शिक्षक
TET अनिवार्यता के विरोध में सांसद सुखदेव भगत को ज्ञापन सौंपते शिक्षक

Lohardaga: TET (शिक्षक पात्रता परीक्षा) अनिवार्यता के विरोध में चल रहे देशव्यापी आंदोलन के तहत शनिवार को अखिल झारखंड प्राथमिक शिक्षक संघ (अजप्टा) लोहरदगा जिला इकाई ने गुमला जिला समिति के साथ संयुक्त रूप से लोहरदगा संसदीय क्षेत्र के सांसद सुखदेव भगत को ज्ञापन सौंपा. यह कार्यक्रम टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रव्यापी आह्वान के तहत आयोजित किया गया, जिसमें आगामी संसद सत्र को देखते हुए देशभर के सांसदों को ज्ञापन देकर वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के हित में आवश्यक संशोधन की मांग उठाई जा रही है.

जिला अध्यक्ष मनी उरांव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में शिक्षक सांसद से मिलने पहुंचे. ज्ञापन के माध्यम से शिक्षकों ने मांग की कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) द्वारा निर्धारित न्यूनतम अर्हता को स्पष्ट रूप से परिभाषित करते हुए संसद में आवश्यक संशोधन किया जाए, ताकि वर्ष 2010 से पहले नियुक्त देशभर के लगभग 25 से 30 लाख प्रभावित शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित किया जा सके. शिक्षकों ने कहा कि टेट अनिवार्यता के कारण वर्षों से सेवा दे रहे हजारों शिक्षकों के समक्ष नौकरी पर संकट उत्पन्न हो गया है. उन्होंने सरकार से मांग की कि लंबे समय से कार्यरत शिक्षकों के अनुभव और सेवा को ध्यान में रखते हुए उनके हित में ठोस निर्णय लिया जाए.

सांसद ने शिक्षकों के साथ आधे घंटे तक की विस्तृत चर्चा

ज्ञापन सौंपने के बाद सांसद सुखदेव भगत ने शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल के साथ लगभग आधे घंटे तक विस्तार से चर्चा की. इस दौरान उन्होंने टेट अनिवार्यता से जुड़े विषय, संसद में हुई चर्चाओं, न्यायालय के विभिन्न निर्णयों तथा एनसीटीई के प्रावधानों की गंभीरता से जानकारी ली. सांसद ने शिक्षकों की बातों को ध्यानपूर्वक सुनते हुए उनकी मांगों को न्यायसंगत बताया और कहा कि प्रभावित शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए वे हरसंभव प्रयास करेंगे. सांसद ने यह भी कहा कि इस विषय को प्रभावी ढंग से संसद में उठाने के लिए कुछ अतिरिक्त दस्तावेजों एवं तथ्यों की आवश्यकता होगी, ताकि सरकार सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों का हवाला देकर इस मुद्दे को टालने का प्रयास न कर सके. उन्होंने शिक्षक प्रतिनिधियों से आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने का अनुरोध किया. इस पर शिक्षक नेताओं ने आश्वासन दिया कि जिला समिति राज्य समिति के सहयोग से शीघ्र ही सभी आवश्यक दस्तावेज और तथ्य सांसद को उपलब्ध कराएगी, जिससे संसद में इस मुद्दे को मजबूती के साथ उठाया जा सके.

12 से 18 जुलाई तक देशभर में चल रहा ज्ञापन अभियान

शिक्षकों ने कहा कि टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा 12 से 18 जुलाई तक देशभर में सांसदों को ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम चलाया जा रहा है. यह आंदोलन विभिन्न चरणों में संचालित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य सरकार का ध्यान वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों की समस्याओं की ओर आकर्षित करना और उनके रोजगार की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. कार्यक्रम के अंत में शिक्षक प्रतिनिधियों ने सांसद सुखदेव भगत के प्रति आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि सांसद ने अपने पूर्व निर्धारित व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद अल्प सूचना पर समय दिया और शिक्षकों की समस्या को गंभीरता से सुना. शिक्षकों ने विश्वास जताया कि सांसद संसद में उनकी आवाज बनकर इस महत्वपूर्ण मुद्दे को मजबूती से उठाएंगे और प्रभावित शिक्षकों को न्याय दिलाने की दिशा में सार्थक पहल करेंगे. इस अवसर पर लोहरदगा एवं गुमला जिला इकाई के पदाधिकारी, बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा संगठन के अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे. आंदोलनकारी शिक्षकों ने एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की और सरकार से शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की.

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