Ranchi: झारखंड की राजधानी में गर्मी के मौसम को देखते हुए स्वच्छ और निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए रांची नगर निगम ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं. इसी के मद्देनजर शनिवार को निगम कार्यालय में प्रशासक सुशांत गौरव की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक हुई. बैठक में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अभियंता और लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे. बैठक में गर्मी के दौरान शहर के सभी इलाकों में नियमित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की रणनीति पर चर्चा की गई. प्रशासक सुशांत गौरव ने कहा कि गर्मी की शुरुआत हो चुकी है, इसलिए जलापूर्ति से जुड़े सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ सक्रिय होकर काम करना होगा, ताकि लोगों को पानी की कमी का सामना न करना पड़े.

जलापूर्ति को लेकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी
बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी वार्डों में क्षेत्रवार जलापूर्ति की स्थिति की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी. साथ ही पिछले वर्षों में जिन इलाकों में पानी की समस्या सामने आई थी, वहां विशेष कार्ययोजना बनाकर पहले से ही आवश्यक कदम उठाए जाएंगे. जहां जलापूर्ति की समस्या है, वहां नगर निगम के टैंकरों के माध्यम से रोस्टर के अनुसार पानी उपलब्ध कराया जाएगा. अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि टैंकरों को किसी भी स्थान पर अनावश्यक रूप से खड़ा न रखा जाए, बल्कि जल्द से जल्द पानी भरवाकर अधिक से अधिक लोगों तक आपूर्ति सुनिश्चित की जाए. नगर निगम की टीमें नियमित रूप से फील्ड में जाकर 1611 मिनी HYDT, 181 HYDT और 2507 चापाकलों की निगरानी करेंगी. खराब चापाकलों की तत्काल मरम्मत कराई जाएगी. साथ ही खराब चापाकलों को लाल रंग और दुरुस्त चापाकलों को नीले रंग से चिन्हित करने का भी निर्देश दिया गया है.
प्याऊ को किया जायेगा दुरुस्त
गर्मी के मौसम में लोगों को राहत देने के लिए शहर के सभी प्याऊ को भी दुरुस्त किया जाएगा. जो प्याऊ उपयोग में नहीं हैं, उन्हें हटाने की कार्रवाई की जाएगी ताकि नई और बेहतर व्यवस्था बनाई जा सके. बैठक में अवैध जल दोहन पर सख्ती बरतने का भी निर्णय लिया गया. बिना एनओसी के चल रहे जार वाटर बॉटलिंग प्लांट की जांच की जाएगी और नियमों के अनुसार ऐसे प्लांट को सील किया जाएगा. साथ ही अवैध जल कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं की पहचान कर उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
हेल्पलाइन नंबर जारी
पेयजल से जुड़ी शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए नगर निगम के नियंत्रण कक्ष का हेल्पलाइन नंबर 1800-570-1235 जारी किया गया है. इस नंबर पर पाइपलाइन लीकेज, गंदे पानी की आपूर्ति, अवैध कनेक्शन और भूजल के अवैध दोहन से संबंधित शिकायतें दर्ज कराई जा सकती हैं. अंत में प्रशासक सुशांत गौरव ने कहा कि शहर के हर नागरिक तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना नगर निगम की प्राथमिकता है. उन्होंने लोगों से जल संरक्षण करने और पानी की बर्बादी से बचने की अपील भी की.

