Ranchi: राजधानी रांची के तुपुदाना और रातू इलाके में दो नाबालिग लड़कियों के साथ हुई हैवानियत ने इंसानियत, दोनों को झकझोर कर रख दिया है. जिसे शुरुआत में छह लोगों द्वारा किया गया अपराध माना जा रहा था, पुलिस जांच में वह 14 दरिंदों द्वारा रचा गया एक खौफनाक षड्यंत्र निकला. दो अलग-अलग आपराधिक गिरोहों ने दो दिनों तक इन मासूमों को अपनी दरिंदगी का शिकार बनाया.
पहला दिन: स्मार्ट सिटी से अपहरण और रातू के जंगल में तांडव
घटना की शुरुआत नौ जुलाई को हुई, जब दोनों नाबालिग लड़कियां धुर्वा स्थित स्मार्ट सिटी इलाके में घूम रही थीं. कुछ शातिर युवकों ने उन्हें घुमाने का झांसा दिया और फुसलाकर अपने साथ ले गए. आरोपी उन्हें रातू क्षेत्र के बिजुलिया स्थित घने जंगलों में ले गए. वहां पहले गिरोह के आठ हैवानों ने बारी-बारी से दोनों मासूमों के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया. वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने लड़कियों को खाना खिलाया और चुपचाप वापस स्मार्ट सिटी इलाके में छोड़कर फरार हो गए.
दूसरा दिन: मदद के नाम पर छलावा और होटल के पीछे हैवानियत
अगले ही दिन, यानी दस जुलाई को भयभीत और बेबस लड़कियां स्मार्ट सिटी से अपने घर की ओर पैदल जा रही थीं. रास्ते में दूसरे गिरोह के युवकों ने उन्हें घर छोड़ने का झांसा दिया. जब पीड़ितों ने बताया कि वे बेहद भूखी हैं, तो आरोपी उन्हें खाना खिलाने के बहाने तुपुदाना के एंसीलिरि एरिया में ‘भगवान होटल’ के पीछे एक कमरे में ले गए. कमरे में खाना खिलाने के बाद छह और लड़कों ने उनके साथ फिर से सामूहिक दुष्कर्म किया. लगातार दो दिनों की दरिंदगी को मासूम बर्दाश्त नहीं कर सकीं और एक बच्ची बेहोश हो गई. वहीं, दूसरी पीड़िता ने अदम्य साहस दिखाते हुए किसी तरह वहां से भागकर अपनी जान बचाई और सीधे पुलिस स्टेशन पहुंचकर अपनी आपबीती सुनाई.
पुलिस की कार्रवाई: एसएसपी का कड़ा एक्शन और दो चरणों में छापेमारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची के SSP राकेश रंजन ने हटिया DSP नीरज कुमार के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सबसे पहले दूसरे गिरोह के छह आरोपियों को दबोचा. इनमें से चार बालिग रोहित महतो, गुलाब महतो, शुभम महतो, और देव प्रसाद नायक को जेल भेजा गया, जबकि दो नाबालिगों को बाल सुधार गृह भेजा गया. जब पीड़ितों की स्थिति सामान्य हुई और उनके विस्तृत बयान दर्ज किए गए, तो पता चला कि आरोपियों की संख्या 6 नहीं बल्कि 14 थी और उनकी मंशा हत्या करने की भी थी.इसके बाद पुलिस ने काठीटांड़ (रातू) इलाके में गोपनीय छापेमारी कर पहले गैंग के आठ अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया.

ALSO READ: Golden Boot Winner 2026: एम्बाप्पे ने लगातार दूसरी बार जीता गोल्डन बूट, रचा इतिहास
