हजारीबाग: बुजुर्गों की सुरक्षा में पुलिस बनेगी मजबूत सहारा, 37 अधिकारियों को मिला विशेष प्रशिक्षण

Hazaribagh:वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा और उनके अधिकारों को लेकर झारखंड पुलिस अकादमी, हजारीबाग में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया....

Hazaribagh
बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए पुलिस अधिकारियों को मिला विशेष प्रशिक्षण

Hazaribagh:वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा और उनके अधिकारों को लेकर झारखंड पुलिस अकादमी, हजारीबाग में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. झारखंड पुलिस अकादमी और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल डिफेंस (NISD), नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का समापन सोमवार को हुआ.

वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा में पुलिस की भूमिका अहम : निदेशक

समापन समारोह में झारखंड पुलिस अकादमी के निदेशक अखिलेश कुमार झा ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि वरिष्ठ नागरिक समाज की अमूल्य धरोहर हैं. उनकी सुरक्षा, सम्मान और सहायता सुनिश्चित करना पुलिस की सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि जागरूकता और संवेदनशीलता के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों के साथ होने वाले अत्याचार और उपेक्षा पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है.

37 पुलिस पदाधिकारियों ने लिया प्रशिक्षण

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में झारखंड के विभिन्न जिलों से आए 37 पुलिस पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पुलिस अधिकारियों को “Maintenance and Welfare of Parents and Senior Citizens Act, 2007” के प्रावधानों, इसके प्रभावी क्रियान्वयन और वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों के प्रति संवेदनशील बनाना था.

विशेषज्ञों ने कानून और व्यवहारिक पहलुओं की दी जानकारी

प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने वरिष्ठ नागरिकों के संरक्षण से जुड़े कानूनी और व्यवहारिक पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी.
इस दौरान NISD की रिसर्च ऑफिसर तान्या सेनगुप्ता, कोशिश द हॉस्पिस बोकारो के मेडिकल डायरेक्टर अभिजीत दाम, सेवानिवृत्त डीएसपी अभय कुमार झा और एस.बी. शर्मा ने वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार, संविधान में उपलब्ध सुरक्षा प्रावधान और पुलिस की भूमिका पर अपने विचार साझा किए.

थानों में भी अधिनियम की जानकारी फैलाने का निर्देश

समापन समारोह में निदेशक अखिलेश कुमार झा ने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण को लेकर फीडबैक लिया. उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि वे अपने-अपने थानों में जाकर अन्य पुलिसकर्मियों को भी इस अधिनियम के प्रति जागरूक करें, ताकि वरिष्ठ नागरिकों को समय पर सहायता और न्याय मिल सके.

उन्होंने कहा कि पुलिस को वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ सुनना चाहिए और उनके प्रति संवेदनशील रवैया अपनाना चाहिए.

प्रतिभागियों को दिए गए प्रमाण-पत्र

कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागी पुलिस पदाधिकारियों को प्रशिक्षण पूर्ण करने के प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए. इस अवसर पर वरीय उप-निदेशक मंजरूल होदा, सहायक निदेशक विजय रंजन कुमार, मुख्य विधि अनुदेशक बसंत कुमार, पुलिस निरीक्षक एवं कोर्स को-ऑर्डिनेटर ललित कुमार सहित झारखंड पुलिस अकादमी के कई अधिकारी मौजूद रहे.
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