Jamtara: राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NIP)-2020 के तहत जामताड़ा जिले के सभी 1030 सरकारी विद्यालयों में नई विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) का गठन किया जाएगा. स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने इसे लेकर सभी जिलों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं. नई व्यवस्था के तहत विद्यालयों के संचालन में अभिभावकों, स्थानीय समुदाय और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी बढ़ाने के साथ शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार पर विशेष जोर दिया जाएगा.
75% सदस्य होंगे अभिभावक
नई व्यवस्था के तहत समिति के कुल सदस्यों में 75 प्रतिशत हिस्सा माता-पिता या अभिभावकों का होगा. शेष 25 प्रतिशत सदस्यों में शिक्षक, स्थानीय निकाय के प्रतिनिधि, शिक्षाविद, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा स्वास्थ्य कार्यकर्ता शामिल किए जाएंगे. प्रधानाध्यापक समिति के सदस्य सचिव होंगे, जबकि अध्यक्ष का चयन अभिभावकों में से किया जाएगा.
स्कूल विकास और शिक्षा की गुणवत्ता पर रहेगा जोर
विद्यालय प्रबंधन समिति बच्चों का नामांकन बढ़ाने, नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, ड्रॉपआउट रोकने, मध्याह्न भोजन की निगरानी, विद्यालय विकास योजना तैयार करने तथा आधारभूत सुविधाओं की देखरेख में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, समिति छात्रों की सुरक्षा और विद्यालय के समग्र विकास पर भी निगरानी रखेगी.
भवन और शिक्षा समिति भी बनेगी
SMC के सदस्यों में से दो अलग-अलग उपसमितियों का गठन किया जाएगा, भवन समिति विद्यालय भवन, पेयजल, शौचालय और अन्य संसाधनों के रखरखाव की जिम्मेदारी संभालेगी. वहीं शिक्षा समिति पठन-पाठन, विद्यार्थियों के सीखने के स्तर और शिक्षकों के शैक्षणिक सहयोग पर काम करेगी. पहली बार प्राथमिक विद्यालय से लेकर प्लस-टू विद्यालय तक एक समान व्यवस्था लागू होगी. पहले प्राथमिक और मध्य विद्यालयों में SMC , हाई स्कूल और प्लस-टू विद्यालयों में अलग स्कूल प्रबंधन और विकास समिति होती थी.
