Ranchi: 14वीं JPSC परीक्षा को लेकर जारी विवाद के बीच भाजपा ने कांग्रेस और झामुमो सरकार पर बड़ा हमला बोला है. भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अशोक बड़ाईक ने कहा कि 22 जुलाई को भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा प्रस्तावित JPSC घेराव से सरकार घबरा गई है और इसी वजह से कांग्रेस के नेता भाजपा पर आरोप लगा रहे हैं.
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग
अशोक बड़ाईक ने कहा कि यदि सरकार ने भर्ती प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता से कराई है, तो फिर JPSC से जुड़े सवालों का जवाब क्यों नहीं दिया जा रहा. उन्होंने पूछा कि 14वीं JPSC का परिणाम आधी रात में क्यों जारी किया गया, कटऑफ सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया और उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की प्रक्रिया को गोपनीय क्यों रखा गया. साथ ही उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि उत्तर प्रदेश में ब्लैकलिस्टेड रही एजेंसी को भर्ती प्रक्रिया की जिम्मेदारी कैसे दी गई. उन्होंने कहा कि 22 जुलाई का JPSC घेराव किसी राजनीतिक दल का कार्यक्रम नहीं, बल्कि झारखंड के बेरोजगार युवाओं के अधिकारों की लड़ाई है. उनके अनुसार, राज्यभर से हजारों छात्र, प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थी और भाजयुमो कार्यकर्ता रांची पहुंचकर भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग करेंगे.
आरोपों की निष्पक्ष जांच हो
भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि अपने शासनकाल में कई राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय परीक्षाओं में पेपर लीक और अनियमितताओं के मामले सामने आए थे, लेकिन उस समय कोई सख्त कानून नहीं बनाया गया. उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 लागू कर पेपर लीक के खिलाफ कड़ा कानून बनाया है. अशोक बड़ाईक ने कहा कि भाजपा की मांग है कि JPSC भर्ती प्रक्रिया से जुड़े सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच हो, पूरी पारदर्शिता बरती जाए और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर भाजपा का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा.
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