West Singhbhum: चक्रधरपुर प्रखंड के भरनियां क्षेत्र में कथित अवैध स्टोन माइनिंग और ब्लास्टिंग की उच्चस्तरीय जांच की मांग को लेकर JMM के केंद्रीय सदस्य रामलाल मुंडा और JDU के जिला अध्यक्ष विश्राम मुंडा ने पश्चिमी सिंहभूम के DC को ज्ञापन सौंपा.
जंगल, जलस्रोत और हाथी कॉरिडोर पर खतरे का आरोप
ज्ञापन में कहा गया है कि भरनियां क्षेत्र में लंबे समय से जारी स्टोन माइनिंग और लगातार ब्लास्टिंग से जंगल, पर्यावरण, जलस्रोत तथा हाथी कॉरिडोर प्रभावित हो रहे हैं. नेताओं का आरोप है कि यदि वन क्षेत्र और हाथी कॉरिडोर के भीतर खनन गतिविधियां संचालित हो रही हैं, तो इससे वन्यजीवों के प्राकृतिक आवागमन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है और भविष्य में मानव-हाथी संघर्ष की घटनाएं बढ़ सकती हैं.
ब्लास्टिंग से पर्यावरण को नुकसान की आशंका
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि लगातार ब्लास्टिंग, भारी मशीनों के संचालन और पहाड़ों के कटाव से पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है. साथ ही वन विभाग एवं संबंधित अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है.
वन, खनन विभाग और लीजधारक की जांच की मांग
रामलाल मुंडा और विश्राम मुंडा ने DC से वन विभाग, खनन विभाग तथा संबंधित लीजधारक वृद्धि कंस्ट्रक्शन, चक्रधरपुर से जुड़े पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और नियमों के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों, वन क्षेत्र और हाथी कॉरिडोर की सुरक्षा के लिए प्रशासन को प्रभावी एवं सख्त कदम उठाने चाहिए.
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