Ranchi: झारखंड सरकार ने राज्य के सर्वांगीण विकास और प्रशासनिक मजबूती की दिशा में कई ऐतिहासिक और दूरगामी फैसले लिए हैं. मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में जनकल्याण से जुड़े 49 महत्वपूर्ण एजेंडों पर मुहर लगाई गई. इस फैसले से जहां एक तरफ राज्य की शिक्षा व्यवस्था में क्रांति आने वाली है, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक और न्यायिक क्षेत्र को नई गति मिलेगी.
6 अगस्त से शुरू होगा मानसून सत्र
राज्य सरकार ने झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र की तिथियों की घोषणा कर दी है. यह सत्र 6 अगस्त से 12 अगस्त तक चलेगा. कुल पांच कार्यदिवसों वाले इस सत्र में राज्य के विकास और जनहित से जुड़े कई अहम विधायी कार्यों को पूरा किया जाएगा.
शिक्षा के क्षेत्र में डिजिटल क्रांति: एआई क्लासरूम और 176 करोड़ का बजट
• आदर्श विद्यालय योजना का विस्तार: उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान करने वाली ‘आदर्श विद्यालय योजना’ की अवधि को बढ़ाकर अब 2029-30 तक के लिए विस्तारित कर दिया गया है.
• एआई पावर्ड वर्चुअल क्लासरूम: माध्यमिक और उच्चतर शिक्षा के तहत संचालित ‘ई-शिक्षा कनेक्ट प्रोग्राम’ को अगले 5 वर्षों के लिए एआई-पावर्ड वर्चुअल क्लासरूम में बदला जाएगा.
• 1000 स्कूलों को मिलेगा लाभ: राज्य के 1000 माध्यमिक स्कूलों में वर्चुअल क्लासरूम का संचालन किया जाएगा, जिससे ग्रामीण व दूर-दराज के छात्रों को भी आधुनिक और विश्वस्तरीय शिक्षा मिल सकेगी.
• स्टूडियो का निर्माण: इस योजना को सुचारू रूप से चलाने के लिए जेइपीसी में 2 मुख्य स्टूडियो और राज्य के पांचों प्रमंडलों में 1-1 स्टूडियो का निर्माण किया जाएगा.
• बजट: इस पूरे प्रोजेक्ट पर सरकार 176 करोड़ 7 लाख रुपये खर्च करेगी.
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न्यायिक और प्रशासनिक क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार
• एजी ऑफिस का डिजिटलीकरण: प्रधान महालेखाकार कार्यालय के पूर्ण डिजिटलीकरण के लिए 46 लाख 85 हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है, जिससे काम में तेजी और पारदर्शिता आएगी.
• झारखंड न्यायिक सेवा नियमवली 2026: ‘झारखंड न्यायिक सेवा संशोधन नियमावली 2026’ को हरी झंडी दे दी गई है. इसके साथ ही सीधी भर्ती के तहत दो जिला न्यायाधीशों के रूप में संजय सरोज और आनंद त्रिपाठी की नियुक्ति को मंजूरी मिली.
• हाईकोर्ट और लीगल अफसरों को तोहफा: हाईकोर्ट के लीगल अफसरों और महाधिवक्ता सहित अन्य अधिकारियों के पे-रिविजन (वेतन पुनरीक्षण) के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है. साथ ही, न्यायिक कार्यों में गति लाने के लिए लीगल और रिसर्च अफसरों के 63 नए पदों के सृजन को स्वीकृति मिली है.
• खनन क्षेत्र को मजबूती: खान विभाग को जेसीएफ से 146 करोड़ रुपये की राशि जारी करने की स्वीकृति दी गई है, जिससे विभागीय कार्यों को गति मिलेगी.
