Ranchi: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की फील्ड वर्कर भर्ती परीक्षा एक बार फिर विवादों में घिर गई है. इस बार संथाली भाषा के अभ्यर्थियों ने प्रश्नपत्र में गंभीर त्रुटियों का आरोप लगाते हुए आयोग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. आज राज्य के विभिन्न जिलों से आए सैकड़ों अभ्यर्थी JSSC कार्यालय पहुंचे और अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं.
अभ्यर्थियों के साथ अन्याय
प्रदर्शन के दौरान पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने आयोग के सचिव सुधीर गुप्ता से मुलाकात कर बताया कि संथाली भाषा के प्रश्नपत्र में बड़ी संख्या में ऐसे प्रश्न पूछे गए, जो निर्धारित सिलेबस से बाहर थे. अभ्यर्थियों का दावा है कि 100 अंकों के पेपर में करीब 40 प्रश्न आउट ऑफ सिलेबस थे, जबकि चार प्रश्नों के उत्तर भी गलत दिए गए हैं. अभ्यर्थियों ने आयोग के समक्ष कई उदाहरण भी रखे. उनका कहना है कि भाषा के पेपर में ऐसे प्रश्न शामिल किए गए, जिनका संथाली भाषा से सीधा संबंध ही नहीं था. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ प्रश्नों का स्तर भी भर्ती परीक्षा के बजाय UPSC और UGC जैसी उच्च स्तरीय परीक्षाओं के अनुरूप था, जिससे अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हुआ.
राज्यव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा
प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के बाद अभ्यर्थियों ने बताया कि JSSC सचिव ने उन्हें आश्वासन दिया है कि आंसर-की जारी होने के बाद सभी अभ्यर्थियों को आपत्ति दर्ज कराने का अवसर मिलेगा. इसके बाद विशेषज्ञों की समिति आपत्तियों की जांच कर उचित निर्णय लेगी. हालांकि, अभ्यर्थी आयोग के इस आश्वासन से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं. उनका कहना है कि यदि उनकी शिकायतों का समाधान नहीं हुआ और परीक्षा प्रक्रिया में सुधार नहीं किया गया, तो वे पहले सरकार के मंत्रियों और मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे. इसके बाद भी कार्रवाई नहीं हुई तो राज्यव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा.
