Lohardaga: जिले में गुरुवार की सुबह आध्यात्मिक वातावरण के बीच गायत्री परिवार के तत्वावधान में आयोजित चार दिवसीय गायत्री महायज्ञ और प्रज्ञा पुराण कथा का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ. सुबह 8:00 बजे स्थानीय पावरगंज स्थित दुर्गा बाड़ी मंदिर से कलश यात्रा निकाली गई. यात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण शांतिकुंज, हरिद्वार से लाया गया 24 तीर्थों का पवित्र जल रहा, जिसे श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक अपने सिर पर धारण कर यात्रा में भाग लिया.
जयघोष और वैदिक मंत्रों से गूंजा पूरा शहर
कलश यात्रा दुर्गा बाड़ी मंदिर से प्रारंभ होकर बाबा मठ सहित विभिन्न मार्गों से होते हुए यज्ञ स्थल पहुंची. पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने जयघोष, वैदिक मंत्रोच्चार और भक्ति गीतों के साथ वातावरण को भक्तिमय बना दिया. महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की बड़ी संख्या ने यात्रा में भाग लेकर अपनी आस्था और उत्साह का परिचय दिया. पूरे शहर में धार्मिक उल्लास का माहौल देखने को मिला.
नकुल शास्त्री ने प्रज्ञा पुराण कथा का किया शुभारंभ
शाम 4:00 बजे शांतिकुंज, हरिद्वार से पधारे प्रतिनिधि एवं विद्वान वक्ता नकुल शास्त्री ने प्रज्ञा पुराण कथा का शुभारंभ किया. उन्होंने अपने प्रवचन में गायत्री साधना, यज्ञ की महत्ता, नैतिक जीवन, संस्कार और भारतीय संस्कृति के संरक्षण पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि यज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, आत्मशुद्धि और समाज में सकारात्मक ऊर्जा के संचार का प्रभावी माध्यम भी है.
26 जुलाई तक प्रतिदिन होगी प्रज्ञा पुराण कथा
आयोजकों के अनुसार 24, 25 और 26 जुलाई तक प्रतिदिन शाम 4:00 बजे से प्रज्ञा पुराण कथा का आयोजन किया जाएगा. कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक जीवन, भारतीय संस्कृति और वैदिक परंपराओं का संदेश दिया जाएगा.
जिलेवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील
गायत्री परिवार ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर महायज्ञ, प्रज्ञा पुराण कथा एवं संस्कार कार्यक्रमों में भाग लें और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करें. आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है तथा पूरे क्षेत्र में भक्तिमय और धार्मिक वातावरण बना हुआ है.
