Ranchi: अब राज्य के 54 लाख बिजली उपभोक्ताओं को राहत मिलने वाली है. उपभोक्ताओं को निर्बाध, तेज और पूरी तरह सुरक्षित बिजली सेवाएं प्रदान करने की दिशा में झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) ने कवायद शुरू कर दी है. अपने डिजिटल बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने और साइबर सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए निगम ने अपनी तमाम अहम ऑनलाइन सेवाओं को क्लाउड प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट करने का निर्णय लिया है. लगभग 2.38 करोड़ रुपये की लागत वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना से राज्य के करीब 54 लाख बिजली उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा और उनकी डिजिटल पहुंच बेहद सुगम हो जाएगी.
क्या होंगे अत्याधुनिक तकनीकी बदलाव
• पोर्टल और डेटाबेस का माइग्रेशन: नए बिजली कनेक्शन के लिए ‘सुविधा पोर्टल’, आरएपीडीआरपी बिलिंग डेटाबेस, जीपीएफ पोर्टल, आधिकारिक वेबसाइट और उपभोक्ताओं का पूरा डेटाबेस अब हाई-टेक क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर स्थानांतरित किया जाएगा.
• तेज गति और सुगमता: इस तकनीकी कायाकल्प के बाद ऑनलाइन बिल भुगतान, नई कनेक्शन प्रक्रिया और शिकायत दर्ज कराने की गति में भारी सुधार होगा. अब सर्वर धीमा होने या ठप होने जैसी समस्याओं से उपभोक्ताओं को स्थायी मुक्ति मिलेगी.
• मजबूत साइबर सुरक्षा: वेब एप्लीकेशन फायरवॉल, एंटी-डीडॉस प्रोटेक्शन और ऑटोमेटेड एनक्रिप्शन जैसी अत्याधुनिक तकनीकों से उपभोक्ताओं और निगम का पूरा डेटा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा.
मात्र 45 दिनों में पूरा होगा माइग्रेशन
• समय सीमा: चयनित क्लाउड सर्विस प्रोवाइडर को अनुबंध पर हस्ताक्षर करने के महज 45 दिनों के भीतर पूरे सिस्टम को क्लाउड पर लाइव करना होगा.
• करार और अपटाइम: यह अनुबंध प्रारंभिक रूप से 3 वर्षों के लिए होगा, जिसे बेहतर प्रदर्शन के आधार पर 2 साल और बढ़ाया जा सकता है। एजेंसी को 365 दिन और 24 घंटे 99.95 प्रतिशत अपटाइम (सक्रियता) सुनिश्चित करना होगा.
• आपदा प्रबंधन: यदि मुख्य डेटा सेंटर में कोई तकनीकी खराबी या प्राकृतिक आपदा आती है, तो मात्र 15 मिनट का डेटा रिकवरी पॉइंट और 4 घंटे का रिकवरी टाइम तय किया गया है, जिससे बिजली सेवाएं बिना किसी बाधा के लगातार चलती रहेंगी.
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