Ranchi: राजधानी रांची में जुलाई महीने का राशन वितरण गंभीर संकट में फंस गया है. महीने के 13 दिन बीत जाने के बावजूद रांची अनुमंडल के हजारों राशन कार्डधारियों को अब तक खाद्यान्न नहीं मिल पाया है. भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) की नई वितरण व्यवस्था को लेकर उत्पन्न विवाद और कडरू स्थित झारखंड राज्य खाद्य निगम (जेएसएफसी) गोदाम में मजदूरों के काम बंद करने से पूरी व्यवस्था प्रभावित हो गई है. राशन नहीं मिलने से लाभुक रोजाना जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) की दुकानों के चक्कर लगा रहे हैं, जबकि डीलर भी खाली हाथ लौटाने को मजबूर हैं. रथ मेला जैसे प्रमुख पर्व के दौरान खाद्यान्न संकट ने गरीब परिवारों की चिंता और बढ़ा दी है.
समय पर राशन नहीं मिलने से बढ़ी परेशानी
लाभुकों का कहना है कि समय पर अनाज नहीं मिलने से उनके सामने भोजन का संकट खड़ा हो गया है. यदि जुलाई महीने के भीतर राशन का वितरण पूरा नहीं हुआ, तो नियमानुसार इस महीने का आवंटन अगले महीने केंद्र सरकार की ओर से उपलब्ध नहीं कराया जाएगा. इससे हजारों परिवारों के सामने और बड़ी मुश्किल खड़ी हो सकती है.
एफसीआई की नई व्यवस्था बनी विवाद की वजह
अब तक एफसीआई से खाद्यान्न पहले जेएसएफसी के गोदामों में पहुंचता था. वहां वजन, मिलान और अन्य औपचारिकताओं के बाद अनाज पीडीएस डीलरों को उपलब्ध कराया जाता था. लेकिन केंद्र सरकार ने वितरण व्यवस्था में बदलाव करते हुए अगस्त से एफसीआई से सीधे पीडीएस दुकानदारों तक अनाज पहुंचाने का निर्णय लिया है. नई व्यवस्था लागू होने के बाद जेएसएफसी गोदामों की भूमिका लगभग समाप्त हो जाएगी.
300 मजदूरों के सामने रोजगार का संकट
नई व्यवस्था से जेएसएफसी गोदामों में वर्षों से कार्यरत करीब 300 मोटिया मजदूरों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है. मजदूरों का कहना है कि यदि गोदामों में अनाज ही नहीं आएगा तो उनका रोजगार समाप्त हो जाएगा. इसी आशंका के चलते उन्होंने काम बंद कर दिया है.
कडरू गोदाम बंद, सबसे ज्यादा प्रभावित रांची अनुमंडल
रांची जिले में जेएसएफसी के चार प्रमुख गोदाम-कडरू, कांके, नामकुम और ओरमांझी- संचालित हैं. इनमें कडरू गोदाम से रांची अनुमंडल के अधिकांश शहरी और आसपास के क्षेत्रों में राशन की आपूर्ति होती है. फिलहाल कडरू गोदाम में काम पूरी तरह प्रभावित है. गोदाम परिसर में खाद्यान्न उपलब्ध होने के बावजूद मजदूरों के आंदोलन के कारण उसका उठाव नहीं हो पा रहा है. परिणामस्वरूप विभिन्न वार्डों के पीडीएस डीलरों तक राशन नहीं पहुंच रहा है. हालांकि जिले के अन्य गोदामों से जुड़े क्षेत्रों में वितरण की प्रक्रिया जारी है.
डीलरों पर बढ़ा दबाव, लोगों में नाराजगी
पीडीएस दुकानदारों का कहना है कि लाभुक लगातार फोन कर रहे हैं और रोज दुकान पर पहुंच रहे हैं, लेकिन गोदाम से खाद्यान्न नहीं मिलने के कारण वितरण संभव नहीं हो पा रहा है. डीलरों के अनुसार सबसे अधिक प्रभावित वार्ड 27 से वार्ड 36 तक के करीब 150 डीलर अभी भी राशन आवंटन का इंतजार कर रहे हैं. लोगों की नाराजगी बढ़ रही है, जबकि उनके पास कोई स्पष्ट जवाब नहीं है.
भुगतान में देरी से भी नाराज हैं मजदूर
मजदूरों का कहना है कि नई व्यवस्था से रोजगार छिनने का खतरा तो है ही, साथ ही पहले किए गए कार्य का भुगतान भी समय पर नहीं मिला है. उनका आरोप है कि मजदूरी का भुगतान लगातार विलंब से हो रहा है, जिससे आर्थिक संकट और गहरा गया है.
प्रशासन ने समाधान का दिया भरोसा
रांची की विशिष्ट अनुभाजन पदाधिकारी मोनी कुमारी ने बताया कि मजदूरों के भुगतान में देरी का मामला सामने आया है. इसे लेकर संबंधित ठेकेदार को पत्र भेजा गया है और जल्द समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता राशन वितरण को जल्द सामान्य करना और मजदूरों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करना है.
प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती
फिलहाल प्रशासन के सामने दो बड़ी चुनौतियां हैं. पहली, हजारों राशन कार्डधारियों तक समय पर खाद्यान्न पहुंचाना और दूसरी, वर्षों से गोदामों में कार्यरत मजदूरों के रोजगार और बकाया भुगतान का समाधान निकालना. यदि जल्द गतिरोध समाप्त नहीं हुआ, तो जुलाई महीने का राशन वितरण और अधिक प्रभावित हो सकता है, जिसका सीधा असर गरीब और जरूरतमंद परिवारों पर पड़ेगा.
