DSPMU में टकराव बढ़ा, हड़ताल के जवाब में छात्रों ने खोला मोर्चा, शटर-डाउन की चेतावनी

Ranchi: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU) में शिक्षकों और छात्रों के बीच चल रहा विवाद अब खुलकर आमने-सामने की लड़ाई में...

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DSPMU में टकराव बढ़ा, हड़ताल के जवाब में छात्रों ने खोला मोर्चा

Ranchi: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU) में शिक्षकों और छात्रों के बीच चल रहा विवाद अब खुलकर आमने-सामने की लड़ाई में बदल गया है. शिक्षकों और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों की पेन-डाउन हड़ताल दूसरे दिन भी जारी रही, वहीं छात्र संगठनों ने प्रशासनिक भवन का घेराव कर विश्वविद्यालय प्रशासन और शिक्षकों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया. हड़ताल का सीधा असर पढ़ाई पर पड़ा है. नियमित कक्षाएं ठप हैं और मिड-सेमेस्टर परीक्षाएं भी फिलहाल स्थगित कर दी गई हैं. इससे सबसे अधिक परेशानी छात्रों को हो रही है.

लंबे समय से शैक्षणिक व्यवस्था कमजोर है- छात्र संगठन

शिक्षकों का कहना है कि कुछ छात्र नेता लगातार शैक्षणिक माहौल बिगाड़ रहे हैं. उनका आरोप है कि कक्षाओं में दखल, शिक्षकों के साथ अभद्र व्यवहार और धमकी जैसी घटनाओं के विरोध में उन्हें पेन-डाउन आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा. दूसरी ओर, छात्र संगठनों ने इन आरोपों को सिरे से नकार दिया. उनका कहना है कि विश्वविद्यालय में लंबे समय से शैक्षणिक व्यवस्था कमजोर है. नियमित कक्षाएं नहीं चलतीं, छात्रों के जरूरी काम समय पर नहीं होते और अलग-अलग मदों में अतिरिक्त शुल्क लिया जाता है. छात्रों ने प्रशासनिक भवन में ताला लगने और परिसर की सफाई व्यवस्था पर भी नाराजगी जताई. विरोध के दौरान उन्होंने खुद सफाई अभियान चलाकर अपनी नाराजगी दर्ज कराई.

हड़ताल के जवाब में छात्रों ने खोला मोर्चा

हाल के प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों और छात्रों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई. छात्र नेताओं का दावा है कि उनके पास घटना के वीडियो हैं, जिनमें छात्रों के साथ धक्का-मुक्की होती दिखाई दे रही है. वहीं, सात छात्र नेताओं पर दर्ज एफआईआर को भी छात्रों ने बेबुनियाद बताते हुए इसे आंदोलन को दबाने की कोशिश बताया है. छात्र संगठनों ने साफ कहा है कि यदि शिक्षकों की हड़ताल जल्द खत्म नहीं हुई तो वे विश्वविद्यालय में ‘शटर-डाउन आंदोलन’ शुरू करेंगे और पूरी तरह से कामकाज ठप कराने की रणनीति अपनाएंगे. फिलहाल DSPMU में गतिरोध बना हुआ है और इसका सबसे बड़ा नुकसान छात्रों की पढ़ाई और परीक्षाओं को उठाना पड़ रहा है.

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