News Wave Desk: बिहार की राजधानी पटना में छात्र आंदोलन और बड़े भाई तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी के बाद राज्य का राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है. विपक्ष के आक्रामक तेवर और सरकार के सख्त प्रशासनिक रुख ने सूबे में घमासान मचा दिया है. राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने सम्राट सरकार पर निशाना साधा है. प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम थमाया है. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि तानाशाही रवैया अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
छात्र समर्थन बना राजनीतिक संघर्ष
बीते, दिनों राज्य में छात्र-युवाओं के विरोध प्रदर्शन के दौरान हालात अचानक तनावपूर्ण हो गए थे. प्रदर्शनकारियों के समर्थन में उतरे तेज प्रताप यादव को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने और बाद में न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद यह पूरा मामला तूल पकड़ चुका है. विपक्ष इसे युवाओं की आवाज दबाने की सुनियोजित साजिश करार दे रहा है.
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बढ़ते तनाव के बीच सियासी हलचल तेज
इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद से पटना से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक गलियारों में सरगर्मी तेज हो गई है. एक तरफ जहां पुलिस प्रशासन अपनी कार्रवाई को कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जरूरी बता रहा है, वहीं विपक्षी खेमा इसे राज्य सरकार की हताशा करार दे रहा है. 24 घंटे का अल्टीमेटम पूरा होने के बाद आरजेडी और अन्य विपक्षी दल किसी बड़े जन-आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर सकते हैं, जिससे आगामी दिनों में राज्य का राजनीतिक संघर्ष और अधिक गहराने के पूरे आसार हैं.
