Jamtara: जिले की 21 पंचायतों में रविवार को सामाजिक अंकेक्षण (सोशल ऑडिट) टीम द्वारा ऑडिट प्रक्रिया पूरी होने के बाद पंचायत स्तर पर जनसुनवाई आयोजित की गई. जनसुनवाई के दौरान मनरेगा समेत विभिन्न विकास योजनाओं में अनियमितताओं, अधूरे कार्यों, कार्य से अधिक राशि निकासी, बागवानी योजनाओं में पौधों की कमी और दस्तावेजी गड़बड़ियों के कई मामले सामने आए. अधिकांश मामलों में संबंधित लोगों पर जुर्माना लगाया गया और अधूरे कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए.
मैंझियाया पंचायत में 26 मामलों की सुनवाई हुई
जामताड़ा प्रखंड की मैंझियाया पंचायत में 26 मामलों की सुनवाई हुई. यहां कार्य से अधिक राशि निकासी, अधूरे कार्य और दस्तावेजों में गड़बड़ी पाए जाने पर ₹2,000 का जुर्माना लगाया गया. वहीं पियालसोला पंचायत में 16 मामलों की सुनवाई के दौरान आम बागवानी योजना में पौधे लगाए बिना करीब ₹80 हजार की निकासी का मामला सामने आया. सूचना बोर्ड नहीं लगाने और अन्य अनियमितताओं पर 1,010 का जुर्माना लगाया गया.
बागवानी योजना में फर्जी भुगतान का मामला सामने आया
रानीडीह पंचायत में आम बागवानी योजना में 79,948 के फर्जी भुगतान का मामला सामने आया, जिस पर कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया गया. सुखजोड़ा पंचायत में 16 मामलों की सुनवाई के बाद 2,400 का जुर्माना लगाया गया. यहां बागवानी योजना में पौधों की कमी मिलने पर संबंधित एजेंसियों को कार्य पूरा करने का निर्देश दिया गया.
सिउलवाड़ी पंचायत में 12 मामलों की हुई सुनवाई
सिउलवाड़ी पंचायत में 12 मामलों की सुनवाई के बाद 600 तथा सुपायडीह पंचायत में 15 मामलों पर 600 का जुर्माना लगाया गया. सुपायडीह में आम बागवानी योजना में पौधे उपलब्ध नहीं होने के बावजूद 45 हजार की निकासी का मामला भी सामने आया.
कई योजनाओं में अनियमितताएं उजागर हुई
करमाटांड़ प्रखंड की सिकरपोसनी, सीताकाटा, सुब्दुडीह, ताराबहाल, तारकोजोड़ी और तेतुलबांधा पंचायतों में भी कई योजनाओं में अनियमितताएं उजागर हुईं. सीताकाटा पंचायत में पशु शेड, बागवानी और सिंचाई योजनाओं के अधूरे रहने पर 800 का जुर्माना लगाया गया. ताराबहाल पंचायत में सिंचाई कूप योजना में करीब 30 हजार की अधिक निकासी पाए जाने पर 400 की रिकवरी और 2,000 का जुर्माना लगाया गया. वहीं तारकोजोड़ी पंचायत में आठ योजनाएं अधूरी मिलने पर 1,800 का जुर्माना लगाया गया.नाला प्रखंड की मोरवासा पंचायत में डोभा निर्माण योजना में 23,959 की अधिक निकासी का मामला सामने आया, जिस पर 719 का जुर्माना लगाया गया. पेकबड़ पंचायत में डोभा और बागवानी योजनाओं में अनियमितताओं के कारण 2,875 तथा पंजानिया पंचायत में 2,000 का जुर्माना लगाया गया. यहां भी आम बागवानी योजना में पौधों की कमी मिलने पर संबंधित एजेंसियों को कार्य शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया गया. इसी प्रकार शालूका, श्रीपुर, टेसजोरिया और नाला पंचायतों में भी विभिन्न विकास योजनाओं में अनियमितताओं के मामले सामने आए. सामाजिक अंकेक्षण टीम ने सभी मामलों में आवश्यक सुधार करने, अधूरे कार्यों को शीघ्र पूरा करने तथा सरकारी राशि का सही उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. जनसुनवाई में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लेकर योजनाओं से जुड़ी शिकायतें और सुझाव भी दर्ज कराए.
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