बोकारो थर्मल में दो दशकों से थाना भवन को लेकर DVC से जमीन का इंतजार,जर्जर भवन में जान जोखिम में डालकर ड्यूटी करने को मजबूर पुलिसकर्मी

Bokaro: बेरमो अनुमंडल के बोकारो थर्मल में एक नए,आधुनिक और मॉडल थाना भवन के निर्माण को लेकर पिछले लगभग दो दशकों से...

फोटो-बोकारो थर्मल थाना का वर्तमान भवन

Bokaro: बेरमो अनुमंडल के बोकारो थर्मल में एक नए,आधुनिक और मॉडल थाना भवन के निर्माण को लेकर पिछले लगभग दो दशकों से डीवीसी प्रबंधन से भूमि की मांग की जा रही है,इसके बावजूद अब तक जमीन उपलब्ध न कराए जाने के कारण थाना आज भी डीवीसी के ही एक पुराने और बेहद जर्जर भवन में संचालित होने को मजबूर है.वर्तमान स्थिति यह है कि थाना भवन, जवानों व पुलिस पदाधिकारियों के बैरक तथा थाना के सामने का डीवीसी का दो आवास पूरी तरह खस्ताहाल हो चुके हैं.भवन की मरम्मत और रंग-रोगन को लेकर थाना प्रभारी की ओर से करीब आधा दर्जन बार डीवीसी के जीएम एचआर और वरीय प्रबंधक सिविल से पत्राचार किया जा चुका है, लेकिन प्रबंधन का रवैया ढुलमुल बना हुआ है.अधिकारियों के दावों और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है.डीवीसी के वरीय प्रबंधक (सिविल) सरफराज शेख ने एचओपी सुशील कुमार अरजरिया को रिपोर्ट दी है कि थाना भवन कहीं से जर्जर नहीं है और बैरक का निर्माण डीवीसी द्वारा नहीं कराया गया है,इसलिए बैरक की मरम्मत नहीं करवाई जा सकती है.जबकि जमीनी स्थिति इसके बिल्कुल उलट है.थाने के सिरिस्ता और मालखाना कक्ष का प्लास्टर टूट-टूटकर गिर रहा है.

आधुनिक बहुमंजिला इंटीग्रेटेड मॉडल थाना के लिए जमीन चिह्नित की जा रही

बारिश के दिनों में मालखाने की छत से पानी का भारी रिसाव होता है,जिससे सरकारी दस्तावेजों और जब्त सामानों के खराब होने का खतरा बना रहता है.झारखंड में नए थाना भवनों के निर्माण के लिए जमीन की आवश्यकता श्रेणी (ग्रामीण एवं शहरी) और भूमि की उपलब्धता के आधार पर तय की जाती है. राज्य के शहरों में बन रहे आधुनिक बहुमंजिला इंटीग्रेटेड मॉडल थाना परिसरों के लिए आमतौर पर 1 एकड़ से लेकर 4.25 एकड़ तक जमीन चिह्नित की जा रही है. इतने बड़े भूखंड की आवश्यकता पुलिस और जब्त वाहनों की पार्किंग,सुरक्षा घेरा,वॉकवे,परेड ग्राउंड तथा परिसर के पिछले हिस्से में महिला पुलिसकर्मियों के क्वार्टर और बैरक निर्माण के लिए होती है.

थाने की स्थापना मूल रूप से क्षेत्र की सुरक्षा को ध्यान में रखकर ही की गई

जमीन आवंटन पर फंसा पेच-डीवीसी के एचओपी सुशील कुमार अरजरिया के अनुसार, डीवीसी कॉलोनी में प्रस्तावित नए थर्मल पावर प्लांट के निर्माण के लिए भूमि की प्राथमिकता है.प्लांट निर्माण के लिए आवश्यक क्षेत्रफल तय होने के बाद बची हुई जमीन में से ही नए थाना भवन के लिए जमीन का आवंटन किया जाएगा. दूसरी तरफ, थाना प्रभारी पिंकू कुमार यादव नए थाना भवन के निर्माण को लेकर सीसीएल कथारा एरिया प्रबंधन से भी बातचीत करने को तैयार हैं, ताकि सीसीएल द्वारा जमीन मिलने पर नये थाना भवन का निर्माण कराया जा सके. हालांकि, सुरक्षा के ख्याल से यदि थाना डीवीसी परिसर से बाहर स्थानांतरित होता है,तो डीवीसी का पावर प्लांट और आवासीय कॉलोनी सुरक्षा के दृष्टिकोण से संवेदनशील हो जाएंगे. बोकारो थर्मल थाने की स्थापना मूल रूप से डीवीसी पावर प्लांट और स्थानीय क्षेत्र की सुरक्षा को ध्यान में रखकर ही की गई थी.

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