Ranchi: रांची में केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) की स्थायी बेंच के लिए भवन निर्माण में हो रही देरी को लेकर झारखंड हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई है. मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि केंद्र और संबंधित विभागों के अधिकारियों के अलग-अलग जवाबों में गंभीर विरोधाभास है. सुनवाई में बताया गया कि पहले कहा गया था कि भवन निर्माण की योजना (प्लान) स्वीकृति के लिए भेजी गई है बाद में तकनीकी दिक्कतों का हवाला दिया गया और अब फंड की कमी का कारण बताया जा रहा है.
Ministry of Personnel ने अदालत को बताया…
वहीं, Ministry of Personnel ने अदालत को बताया कि उनके पास इस संबंध में कोई प्रस्ताव ही नहीं आया. जबकि Ministry of Law and Justice की ओर से पहले अलग जानकारी दी गई थी, दोनों मंत्रालयों के जवाबों में विरोधाभास मिलने पर हाईकोर्ट ने दोनों विभागों के सचिवों से जवाब तलब किया है. अदालत को बताया गया कि वर्ष 2015 में हाईकोर्ट के निर्देश पर झारखंड सरकार ने CAT की स्थायी बेंच के भवन के लिए दो एकड़ जमीन आवंटित की थी.
हाईकोर्ट ने की कड़ी टिप्पणी
लेकिन 11 वर्ष बाद भी न भवन बना और न ही कोई ठोस प्रगति हुई. केंद्र सरकार ने वर्ष 2023 में दायर हलफनामे में प्रक्रिया जारी रहने की बात कही थी, लेकिन अब फंड की कमी और ड्रॉइंग से जुड़ी तकनीकी समस्याओं का हवाला दिया जा रहा है. इन परिस्थितियों पर कड़ी टिप्पणी करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि यदि स्थायी भवन बनाना ही नहीं है तो आवंटित जमीन राज्य सरकार को वापस कर दी जाए. अदालत ने केंद्र सरकार से विस्तृत जवाब मांगा है. उल्लेखनीय है कि पिछली सुनवाई में भी हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से इस मामले में स्पष्ट स्थिति बताने का निर्देश दिया था.
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